हमलों के बावजूद अफ्सपा कानून हटाने पर अड़े मुफ्ती
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बुधवार को शुरु होते ही सदस्यों मु्ख्यमंत्री के अफ्सपा हटाने वाले बयान पर हंगामा करना शुरु कर दिया। जिसमें मु्फ्ती मोहम्मद सईद ने कहा था कि सरकार प्रदेश के कुछ हिस्सों से विवादित अफ्सपा कानून को हटाएगी।
आपको बताते चलें कि कश्मीर घाटी में एक दिन में हुए तीन आतंकवादी हमलों में तीन पुलिसकर्मियों के शहीद होने के दिन ही जम्मू-कश्मीर सरकार ने विधानसभा में कहा कि वह आतंकवाद से मुक्त प्रदेश के कुछ हिस्सों से विवादित अफ्सपा कानून (आर्म्ड फोर्स सप्शेल पावर एक्ट) को हटाने की दिशा में काम करेगी।
सेना से भी विमर्श किया जाएगा
नेशनल कांफ्रेंस के विधायक देवेन्द्र राणा के पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा, 'बेहतर होती सुरक्षा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उन क्षेत्रों की समीक्षा करेगी जो पिछले कुछ वक्त से आतंकवादी गतिविधियों से मुक्त हैं ताकि धीरे-धीरे अफ्सपा को हटाने की दिशा में बढ़ा जा सके।' राणा जानना चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर सरकार अफ्सपा हटाने का प्रस्ताव रख रही है या नहीं।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा था कि उनकी सरकार सेना से विचार विमर्श करने के बाद ही सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) को चरणबद्ध तरीके से हटाने के मामले में आगे बढ़ेगी, क्योंकि सेना ने इसे लेकर आशंकाएं जतायी हैं।
मुफ्ती ने कहा कि वह सशस्त्र बलों को अभियोजन से राहत दिलवाने वाले अफ्सपा को एक बार मे ही नहीं हटा सकते, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि इसे चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।