12वीं की परीक्षा में बेटे से आगे निकल गई उसकी मां
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पूर्वी असम के डिब्रूगढ़ में मां और बेटे ने एक साथ 12 वीं की परीक्षा दी। परीक्षा परिणाम दोनों के लिए चौकाने वाले थे। मां अपने 18 साल के बेटे से आगे निकल गई।
37 वर्षीय नयनमोनी बेजबेरुआ ने 12 वीं के परीक्षा में प्रथम श्रेणी से 69.8 प्रतिशत के साथ पास किया है। नयनमोनी को समाजशास्त्र में 80 अंक मिले हैं वहीं उसे इस बात का दुःख भी है कि वो अपने पसंदीदा विषय असमी साहित्य में ज्यादा अंक नहीं प्राप्त कर सकी।
असम बोर्ड के 12 वीं के परीक्षा परिणाम पिछले सप्ताह आए हैं। नयनमोनी अपने अच्छे अंक आने के बावजूद भी दुःखी हैं क्योंकि उनका बेटा अंकुर बड़ी मुश्किल से थर्ड डिवीजन पास हुआ है।
बेटे के रिजल्ट का दुःख
अंकुर नयनमोनी के चार बच्चों में सबसे बड़ा है और ववो अपने पिता के साथ सब्जियां भी बेचता है। नयनमोनी का कहना है कि मेरी कोशिशों की वजह से मेरे अच्छे नम्बर आए लेकिन मेरे बेटे के नम्बर कम आए हैं मुझे उसका दुःख है क्योंकि वहीं एक है जो हमें गरीबी के इस दलदल से निकाल सकता है।
ख्वांग पिथबूर गर्ल्स हाईस्कूल की प्रधानाचार्य सोंतोरा गोगोई का कहना है कि नयनमोनी ने अपनी लगन और मेहनत से अच्छे अंक प्राप्त किए हैं। नयनोनी अपने गांव 12 किलोमीटर दूर स्कूल जाती थी और सुबह चार बजे ही उठ जाती थी।
2013 के दसवीं के परीक्षा परिणाम में मां और बेटे दोनों ने सेकेण्ड डिवीजन से पास किया था। नयनमोनी की पढ़ाई लिखाई से संबंधित वस्तुएं विद्यालय प्रशासन उन्हें उप्लब्ध कराता था। प्रधानाचार्य ने कहा कि नयनमोनी ने हमें गर्व करने का मौका दिया है।