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Jammu News: मोबाइल फोन की लत महिलाओं को कर रही बीमार
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वरिष्ठ आयुष चिकित्सक डॉ.हिमानी बुटियाल । अमर उजाला
- फोटो : संवाद
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- कई घंटे स्क्रीन को स्क्रॉल करने से समय और स्वास्थ्य दोनों का हो रहा नुकसान
-आयुष विभाग की तरफ से किया जा रहा लगातार जागरूकता के साथ जांच
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बदलती जीवनशैली के बीच मोबाइल फोन की अनिवार्यता ने इसका लती बना दिया है। महिलाएं मोबाइल फोन से नई परेशानी में पड़ रही है। मोबाइल फोन में रील्स, वीडियो स्क्रॉलिंग की लत से शरीर में हार्मोंस में बदलाव उनकी माहवारी चक्र को जहां प्रभावित कर रहे हैं वहीं गर्भधारण करने में भी असर पड़ रहा है। इससे बचाने के लिए आयुष विभाग की तरफ से लगातार जागरूकता व जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। महिलाओं को समझाया जा रहा कि मोबाइल फोन का कम से कम प्रयोग करें और आलसी न बनें।
आयुष निदेशालय की तरफ से महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता व जांच शिविर लगातार लगाए जा रहे हैं। इसमें वरिष्ठ आयुष चिकित्सक डॉ. हिमानी बूटियाल व डॉ. संदीप भगत की तरफ से आने वाली महिलाओं को बताया जा रहा है कि वह मोबाइल पर अपनी टाइमिंग यानी समय कम से कम बर्बाद करें। इसका असर सीधे आपके शरीर में बनने वाले हार्मोंस पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएं माहवारी चक्र की अनियमितता से परेशान हैं। इसकेे लिए आयुष विभाग की तरफ से सिटी स्कैन सहित अन्य जरूरी जांच कराकर दवाएं दी जा रही हैं।
डॉ. हिमानी बूटियाल ने कहा कि महिलाएं घर पर जहां आराम को प्राथमिकता दे रही हैं। घरेलू कार्य करना कम हो गया है। इससे शरीर शिथिल होता जा रहा है। फिट न होने से कई तरह की बीमारियां जैसे मोटापा, हाइपर टेंशन सहित शुगर आदि की चपेट में आ रही हैं।
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इनसेट-- --
लगभग आधा घंटा योग और व्यायाम जरूरी
- वरिष्ठ आयुष चिकित्सक डॉ. हिमानी बूटियाल ने बताया कि आयुष विभाग की तरफ से जिला अस्पताल में योग प्रशिक्षण जहां निशुल्क दिया जा रहा है। वहीं दवाएं भी निशुल्क दी जा रही हैं। महिलाएं मोबाइल फोन का कम से कम प्रयोग करें। हार्मोंस में बदलाव के कारण माहवारी अनियमित होने से गर्भधारण करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह चिंता का विषय है। शिविर में 40 से 50 महिलाएं इस परेशानी से पीड़ित पाई जा रही हैं।
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-आयुष विभाग की तरफ से किया जा रहा लगातार जागरूकता के साथ जांच
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बदलती जीवनशैली के बीच मोबाइल फोन की अनिवार्यता ने इसका लती बना दिया है। महिलाएं मोबाइल फोन से नई परेशानी में पड़ रही है। मोबाइल फोन में रील्स, वीडियो स्क्रॉलिंग की लत से शरीर में हार्मोंस में बदलाव उनकी माहवारी चक्र को जहां प्रभावित कर रहे हैं वहीं गर्भधारण करने में भी असर पड़ रहा है। इससे बचाने के लिए आयुष विभाग की तरफ से लगातार जागरूकता व जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। महिलाओं को समझाया जा रहा कि मोबाइल फोन का कम से कम प्रयोग करें और आलसी न बनें।
आयुष निदेशालय की तरफ से महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता व जांच शिविर लगातार लगाए जा रहे हैं। इसमें वरिष्ठ आयुष चिकित्सक डॉ. हिमानी बूटियाल व डॉ. संदीप भगत की तरफ से आने वाली महिलाओं को बताया जा रहा है कि वह मोबाइल पर अपनी टाइमिंग यानी समय कम से कम बर्बाद करें। इसका असर सीधे आपके शरीर में बनने वाले हार्मोंस पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएं माहवारी चक्र की अनियमितता से परेशान हैं। इसकेे लिए आयुष विभाग की तरफ से सिटी स्कैन सहित अन्य जरूरी जांच कराकर दवाएं दी जा रही हैं।
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डॉ. हिमानी बूटियाल ने कहा कि महिलाएं घर पर जहां आराम को प्राथमिकता दे रही हैं। घरेलू कार्य करना कम हो गया है। इससे शरीर शिथिल होता जा रहा है। फिट न होने से कई तरह की बीमारियां जैसे मोटापा, हाइपर टेंशन सहित शुगर आदि की चपेट में आ रही हैं।
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लगभग आधा घंटा योग और व्यायाम जरूरी
- वरिष्ठ आयुष चिकित्सक डॉ. हिमानी बूटियाल ने बताया कि आयुष विभाग की तरफ से जिला अस्पताल में योग प्रशिक्षण जहां निशुल्क दिया जा रहा है। वहीं दवाएं भी निशुल्क दी जा रही हैं। महिलाएं मोबाइल फोन का कम से कम प्रयोग करें। हार्मोंस में बदलाव के कारण माहवारी अनियमित होने से गर्भधारण करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह चिंता का विषय है। शिविर में 40 से 50 महिलाएं इस परेशानी से पीड़ित पाई जा रही हैं।