J&K: माननीयों ने नहीं लौटाई सरकारी बुलेट प्रूफ कार, सुरक्षा पर हर साल करोड़ों का खर्च
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आतंकवाद प्रभावित राज्य होने के कारण वीआईपी और वीवीआईपी सुरक्षा के लिए रियासत सरकार ने केंद्र के निर्देश के मुताबिक नीति तय की है। कश्मीर हिंसा के दौरान कई मंत्रियों और विधायकों के आवासों पर हमले हुए थे। सुरक्षा की संवेदनशीलता के मद्देनजर रियासत सरकार ने विधायकों और मंत्रियों के लिए वाहनों को आउट सोर्स करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है।
गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक सिर्फ मंत्रियों के वाहनों के लिए डीजल-पेट्रोल और रख-रखाव पर दो साल में 2 करोड़ 86 लाख 94 हजार 90 रुपये खर्च हुए हैं। विधायकों और अन्य वीआईपी के वाहनों पर हुए खर्च को इसमें जोड़ने पर वीआईपी वाहनों पर हर साल लगभग 10 करोड़ खर्च होते हैं।
रियासत में 1785 वीआईपी को विशेष सुरक्षा
विधायकों को वाहन के अलावा उनके एस्कार्ट के लिए भी वाहनों की व्यवस्था है। कायदे से जेड सुरक्षा श्रेणी में आने वाले वीआईपी के लिए बुलेट प्रूफ कारों की व्यवस्था का प्रावधान है। लेकिन, आतंकवाद प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों के कई विधायकों को भी इस तरह की कारें उपलब्ध कराई गईं हैं।
आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के क्रम में मांग के अनुरूप बुलेट प्रूफ कारें और दोगुनी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। रियासत में 1785 वीआईपी को विशेष सुरक्षा दी गई है। इनमें 1463 की सुरक्षा श्रेणी तय है और 322 गैर श्रेणीगत सूची में हैं।
सुरक्षा कवर हासिल किए वीआईपी को 811 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा कवर हासिल किए 522 वीआईपी को सिर्फ आवासीय गार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा में 4464 पीएसओ तैनात हैं।
अलगाववादियों समेत 284 को होटल सुविधा
रियासत सरकार ने 284 सियासी एक्टिविस्ट को सुरक्षित होटल सुविधा दी है। इनमें अलगाववादी भी शुमार हैं। प्रावधानों के तहत किसी वीआईपी को खतरों से संबंधित रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा मुहैया कराई जाने की व्यवस्था है। रियासत सरकार सुरक्षा की संवेदनशीलता के तर्क पर इस श्रेणी के व्यक्तियों की सूची प्रकट नहीं करती है।