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नवीनतम तकनीक से पेंशन प्रक्रिया को सरल बनाया : डॉ. जितेंद्र
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-सीपीजीआरएएमएस की सफलता की कहानी बांग्लादेश, मालदीव और दक्षिण अफ्रीका अपना रहे
-जम्मू में 54वीं सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श कार्यशाला में पेंशनभोगियों को जागरूक किया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पीएमओ में मंत्री डाॅ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने में पेंशनभोगी और बुजुर्ग नागरिक आवश्यक हितधारक हैं। सरकार पेंशन वितरण से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बना रही है। सरकार पेंशन से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं में नवीनतम और सर्वोत्तम उपलब्ध तकनीक का उपयोग कर रही है।
डाॅ. सिंह शुक्रवार को कन्वेंशन सेंटर जम्मू में पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा करवाई गई 54वीं सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की विशेषज्ञता का उपयोग करने और उन्हें एक टीम इंडिया का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पुराने और अप्रचलित नियमों व कानूनों को खत्म किया गया है। यह सब नागरिक केंद्रित शासन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और जीवन को आसान बनाना शामिल है। तलाकशुदा बेटियों और विधवाओं के साथ लापता या गायब हुए सरकारी कर्मचारियों के पति-पत्नी, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में, अब पेंशन पाने के हकदार हैं, जो पहले ऐसा नहीं था।
डॉ. सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी को रोकने और पेंशनभोगियों के समय और ऊर्जा की बचत के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) जारी करने के लिए अब चेहरे की पहचान तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सरकार ने मौजूदा बायोमेट्रिक आधारित प्रणाली में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के इस सर्वोत्तम रूप को अपनाया है। सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मानवीय हस्तक्षेप की शुरुआत की है।
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उन्होंने सेंट्रलाइज पब्लिक ग्रीवेएंस एंड मॉनीटरिंग सिस्टम (सीपीजीआरएएमएस) की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की, जो नागरिकों के लिए सेवा वितरण से संबंधित किसी भी विषय पर सार्वजनिक अधिकारियों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए चौबीस घंटे उपलब्ध एक ऑनलाइन मंच है। इस सफलता की कहानी बांग्लादेश, मालदीव और दक्षिण अफ्रीका द्वारा अपनाई जा रही है।
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सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए कई सत्र होंगे
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सुविधा के लिए भविष्य पोर्टल, एकीकृत पेंशनर्स पोर्टल, सेवानिवृत्ति लाभ, पारिवारिक पेंशन, सीजीएचएस, आयकर नियम, अनुभव, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, निवेश के तरीके और अवसर आदि पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये सभी सत्र सेवानिवृत्त लोगों को अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और सेवानिवृत्ति से पहले भरे जाने वाले फॉर्म के बारे में जागरूक करने और सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार किए गए हैं।
विभिन्न निवेश मोड, उनके लाभ और निवेश योजना पर एक विस्तृत सत्र भी आयोजित किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले नौ महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले लगभग 250 सेवानिवृत्त लोग इस पीआरसी कार्यशाला से लाभान्वित होंगे।
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-जम्मू में 54वीं सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श कार्यशाला में पेंशनभोगियों को जागरूक किया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पीएमओ में मंत्री डाॅ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने में पेंशनभोगी और बुजुर्ग नागरिक आवश्यक हितधारक हैं। सरकार पेंशन वितरण से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बना रही है। सरकार पेंशन से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं में नवीनतम और सर्वोत्तम उपलब्ध तकनीक का उपयोग कर रही है।
डाॅ. सिंह शुक्रवार को कन्वेंशन सेंटर जम्मू में पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा करवाई गई 54वीं सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की विशेषज्ञता का उपयोग करने और उन्हें एक टीम इंडिया का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पुराने और अप्रचलित नियमों व कानूनों को खत्म किया गया है। यह सब नागरिक केंद्रित शासन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और जीवन को आसान बनाना शामिल है। तलाकशुदा बेटियों और विधवाओं के साथ लापता या गायब हुए सरकारी कर्मचारियों के पति-पत्नी, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में, अब पेंशन पाने के हकदार हैं, जो पहले ऐसा नहीं था।
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डॉ. सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी को रोकने और पेंशनभोगियों के समय और ऊर्जा की बचत के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) जारी करने के लिए अब चेहरे की पहचान तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सरकार ने मौजूदा बायोमेट्रिक आधारित प्रणाली में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के इस सर्वोत्तम रूप को अपनाया है। सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मानवीय हस्तक्षेप की शुरुआत की है।
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उन्होंने सेंट्रलाइज पब्लिक ग्रीवेएंस एंड मॉनीटरिंग सिस्टम (सीपीजीआरएएमएस) की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की, जो नागरिकों के लिए सेवा वितरण से संबंधित किसी भी विषय पर सार्वजनिक अधिकारियों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए चौबीस घंटे उपलब्ध एक ऑनलाइन मंच है। इस सफलता की कहानी बांग्लादेश, मालदीव और दक्षिण अफ्रीका द्वारा अपनाई जा रही है।
सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए कई सत्र होंगे
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सुविधा के लिए भविष्य पोर्टल, एकीकृत पेंशनर्स पोर्टल, सेवानिवृत्ति लाभ, पारिवारिक पेंशन, सीजीएचएस, आयकर नियम, अनुभव, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, निवेश के तरीके और अवसर आदि पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये सभी सत्र सेवानिवृत्त लोगों को अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और सेवानिवृत्ति से पहले भरे जाने वाले फॉर्म के बारे में जागरूक करने और सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार किए गए हैं।
विभिन्न निवेश मोड, उनके लाभ और निवेश योजना पर एक विस्तृत सत्र भी आयोजित किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले नौ महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले लगभग 250 सेवानिवृत्त लोग इस पीआरसी कार्यशाला से लाभान्वित होंगे।