बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

जम्मू संभाग को फिर से टारगेट करने की साजिश, चिनाब व पीरपंजाल के साथ ही राजोरी में आतंकी नेटवर्क

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: देव कश्यप Updated Wed, 29 May 2019 03:16 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
फाइल फोटो
ख़बर सुनें
जम्मू संभाग में पिछले कुछ महीनों से आतंकी गतिविधियां काफी तेजी के साथ बढ़ी हैं। चिनाब रीजन के साथ ही पीर पंजाल और जम्मू में भी इनकी सक्रियता बढ़ने की सूचनाएं हैं। रतनूचक मिलिट्री स्टेशन के पास से दो संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए, माना जा रहा है कि घाटी के बाद अब पाकिस्तान जम्मू संभाग को आतंकवाद की आड़ में अशांत करना चाह रहा है। यही वजह है कि यहां एक के बाद एक कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ज्ञात हो कि जम्मू के रेलवे स्टेशन, कालूचक्क मिलिट्री स्टेशन, रघुनाथ मंदिर पर हमले हो चुके हैं। जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़, रामबन तथा गूल आतंकी गतिविधियों के केंद्र रहे थे, लेकिन एक दशक पहले यहां से आतंकवाद का खात्मा कर दिया गया था।
विज्ञापन


संवेदनशील किश्तवाड़ जिले में पिछले साल भाजपा नेता तथा उनके भाई की आतंकियों ने दुकान से घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद काफी हो हंगामा मचा। इस घटना के छह महीने के भीतर ही इस साल आऱएसएस नेता व उनके अंगरक्षक की आतंकियों ने जिला अस्पताल में गोली मारकर हत्या कर दी। घटना से हिंदू समाज आक्रोशित हो उठा तो  प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा। इस घटना के कुछ दिनों बाद रामबन जिले के गूल में दो आतंकियों को हथियार और पैसे के साथ पकड़ा गया। तब सेना ने कहा था कि दोनों आतंकी घाटी से पीर पंजाल रीजन में आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने के उद्देश्य से आए थे। 


सूत्रों का कहना है कि  पकड़े गए दोनों आतंकी गूल से हथियार खरीदने के लिए आए थे। एक सप्ताह पहले राजोरी जिले के चटियारी वन क्षेत्र से गत बुधवार को आतंकियों का ठिकाना ध्वस्त करने में सफलता मिली थी। यहां से भारी मात्रा में आटोमैटिक असाल्ट राइफल तथा गोला बारूद बरामद किए गए थे। इस घटना के पांच दिन बाद ही गत सोमवार को जम्मू-राजोरी हाईवे पर कल्लर इलाके में सड़क किनारे प्लांट किया गया आईईडी का समय रहते सेना की आरओपी ने पता लगा लिया। कुछ दिन पहले सेना ने सुंजवां मिलिट्री स्टेशन के पास भी रामबन निवासी एक संदिग्ध को पकड़ा था। हालांकि उसके पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री तो नहीं मिली थी, लेकिन उसके पास से बरामद वोटर आईकार्ड तथा आधार कार्ड पर नाम अलग-अलग थे।

खुफिया विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि घाटी में एलओसी पर सख्ती के बाद से आईबी से आतंकियों के घुसपैठ की बात सामने आई हैं। पिछले दिनों झज्जर कोटली में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में यह बात सामने आई थी कि आईबी से उन्होंने घुसपैठ किया था। इसके लिए कठुआ तथा सांबा जिले के बार्डर का इस्तेमाल किया जाता है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X