फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   mehbooba says 'only time can tell' about JK govt formation

′समय बताएगा सरकार कब बनेगी′: महबूबा मुफ्ती

Mon, 22 Feb 2016 01:56 PM IST
Updated Mon, 22 Feb 2016 01:56 PM IST
विज्ञापन
mehbooba says 'only time can tell' about JK govt formation

रियासत में नई सरकार के गठन पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि समय ही बता सकता है कि नई सरकार कब तक बनेगी। यदि वह अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के सपनों को पूरा करने में सक्षम होंगी तभी सरकार गठन पर बातचीत आगे बढ़ सकती है।

विज्ञापन


महबूबा ने पत्रकारों से कहा कि वे केवल संसद सत्र में भाग लेने के उद्देश्य से दिल्ली जा रही हैं। संसद में उनके कुछ सवाल हैं। यदि संसद चलने दी गई तो वे कार्यवाही में शामिल होंगी।
विज्ञापन


जेएनयू का दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण, जाट आंदोलन कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिसकी वजह से वे नहीं जानती कि संसद में क्या होगा। इससे पहले सदस्यता अभियान के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपनी राजनीतिक प्राथमिकता तय कर रखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रियासत में स्थिरता, शांति के लिए मुफ्ती मोहम्मद सईद के मिशन और विजन को आगे बढ़ाना है। सत्ता प्राप्त करना लक्ष्य नहीं है। राजनीतिक, आर्थिक, प्रशासनिक और वित्त की समस्याएं राज्य झेल रहा है उसके समाधान के लिए संघर्ष का प्रस्ताव पास किया गया है। यदि यही स्थिति जारी रही तो राज्य की जनता ही उनके लिए काफी हैं।

जनता के मुद्दों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक ले जाने का आह्वान

mehbooba says 'only time can tell' about JK govt formation

उन्होंने कहा कि पीडीपी ने 1999 में अपनी यात्रा शुरू की थी। लोगों के अथाह विश्वास तथा प्रेम के चलते 16 सालों में ही पीडीपी सबसे प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी के रूप में उभरी।

उन्होंने पीडीपी कार्यकर्ताओं से जनता के मुद्दों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक ले जाने का आह्वान किया। मुफ्ती साहब ने अपने छह दशक के राजनीतिक जीवन में कभी भी जनता से जुड़े मुद्दों से समझौता नहीं किया। वे पूरी रियासत को एकजुट रखना चाहते थे।

उन्होंने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद ने अपने जीवन का त्याग इस वजह से नहीं किया कि उन्हें कुर्सी मिल जाए बल्कि उन्होंने रियासत की जनता के लिए त्याग किया है। मुफ्ती अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी रियासत के लोगों की भलाई के विषय में सोचते रहे।

उन्होंने पूछा था कि बाढ़ पीड़ितों के लिए केंद्र की ओर से पैसा जारी किया गया या नहीं, कश्मीरी पंडितों के लिए शेखपोरा में अतिरिक्त आवासीय सुविधा का काम शुरू हुआ या नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed