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जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती बोलीं-जब तक दोनों संविधान लागू नहीं किए जाते, तब तक चुनाव नहीं लड़ूंगी
Mon, 12 Jul 2021 11:07 PM IST
शाहरुख खान
पीटीआई, जम्मू
पीटीआई, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 12 Jul 2021 11:07 PM IST
सार
मुफ्ती ने हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के बेटों को सरकारी सेवाओं से बर्खास्त करने के फैसले पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन की भी आलोचना की और कहा जब तक आपके पास सबूत नहीं हों, तब तक आप किसी पिता के कार्यों के लिए उसके बच्चे को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।
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महबूबा मुफ्ती
- फोटो : बसित जरगर
विस्तार
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि वह तब तक चुनाव नहीं लड़ेंगी जब तक कि भारतीय और तत्कालीन राज्य का संविधान दोनों जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं हो जाते।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह (अनुच्छेद 370 और 35-ए को निरस्त करना) व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए बहुत भावनात्मक मुद्दा है। मैंने भारत और राज्य के संविधान के तहत पहला चुनाव लड़ा। मैंने दोनों झंडे अपने हाथों में लिए।
मैंने कहा है कि जबतक (जेके में) दोनों संविधान एक साथ (मौजूद) नहीं होंगे तब तक मैं व्यक्तिगत रूप से चुनाव नहीं लड़ूंगीं।' चुनाव लड़ने और मुख्यमंत्री बनने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पीडीपी के पास केवल महबूबा मुफ्ती ही नहीं बल्कि कई सक्षम लोग हैं।
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मुफ्ती ने हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के बेटों को सरकारी सेवाओं से बर्खास्त करने के फैसले पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन की भी आलोचना की और कहा जब तक आपके पास सबूत नहीं हों, तब तक आप किसी पिता के कार्यों के लिए उसके बच्चे को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।
उन्होंने कहा कि मैंने यह बार-बार कहा है, आप एक आदमी को पकड़ सकते हैं, लेकिन एक विचार को नहीं। आपको वाजपेयी (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी) जी की तरह इस विचार का समाधान करना चाहिए।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह (अनुच्छेद 370 और 35-ए को निरस्त करना) व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए बहुत भावनात्मक मुद्दा है। मैंने भारत और राज्य के संविधान के तहत पहला चुनाव लड़ा। मैंने दोनों झंडे अपने हाथों में लिए।
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मैंने कहा है कि जबतक (जेके में) दोनों संविधान एक साथ (मौजूद) नहीं होंगे तब तक मैं व्यक्तिगत रूप से चुनाव नहीं लड़ूंगीं।' चुनाव लड़ने और मुख्यमंत्री बनने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पीडीपी के पास केवल महबूबा मुफ्ती ही नहीं बल्कि कई सक्षम लोग हैं।
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मुफ्ती ने हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के बेटों को सरकारी सेवाओं से बर्खास्त करने के फैसले पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन की भी आलोचना की और कहा जब तक आपके पास सबूत नहीं हों, तब तक आप किसी पिता के कार्यों के लिए उसके बच्चे को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।
उन्होंने कहा कि मैंने यह बार-बार कहा है, आप एक आदमी को पकड़ सकते हैं, लेकिन एक विचार को नहीं। आपको वाजपेयी (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी) जी की तरह इस विचार का समाधान करना चाहिए।