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आतंकियों के शवों को परिजनों को न सौंपने की शर्त पर भाजपा से टूटा था गठबंधन : महबूबा
Tue, 29 Dec 2020 11:10 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 29 Dec 2020 11:10 PM IST
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महबूबा मुफ्ती
- फोटो : ANI
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी के पीडीपी से नाता तोड़ने की वजह बताने के बाद अपनी तरफ से भी खुलासा कर बताया कि क्यों उन्होंने भाजपा ने नाता तोड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का एक बड़ा कारण यह था कि उन्होंने इस बात पर समझौता करना स्वीकार नहीं किया था कि मारे गए आतंकियों के शव दफनाने के लिए उनके परिजनों को नहीं सौंपे जाएंगे और जम्मू-कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) पर बड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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महबूबा ने कहा कि हुर्रियत नेताओं द्वारा ऑल पार्टी डेलिगेशन के लिए दरवाजे बंद करने से देश भर में एक बुरी मिसाल कायम हुई। पीडीपी भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के जरिए कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए जोर देती रहेगी।
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श्रीनगर के पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं और डीडीसी चुनाव में जीत कर आए सदस्यों को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि स्वर्गीय मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भाजपा के साथ केवल एक बोतल में जिन को बंद करने के लिए हाथ मिलाया था, ताकि अनुच्छेद 370 को छुआ न जाए। पड़ोसी मुल्क से जोड़ने वाली ऐतिहासिक सड़कें खोली जाएं। हुर्रियत नेताओं और पाकिस्तान के साथ बातचीत की जाए। यही एजेंडा ऑफ अलायंस था।
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महबूबा ने कहा कि भाजपा ने उन्हें एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जिसके बाद गठबंधन टूट गया। उसमें लिखा गया था कि स्थानीय व विदेशी आतंकियों के शवों को दफनाने के लिए उनके परिवारों को नहीं सौंपा जाएगा। पूरे कश्मीर में जेईआई पर बड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अधिकारों के लिए लड़ेंगे, नहीं उठाएंगे सफेद झंडे
डीडीसी उम्मीदवारों को सम्मानित करते हुए महबूबा ने कहा कि पीडीपी ने इन चुनावों में जीत हासिल कर यह साबित किया कि पीडीपी एक मूवमेंट नहीं बल्कि वर्करों की पार्टी है। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी कोई पार्टी सत्ता में आती है तो वह अन्य छोटे दलों को शासन चलाने के लिए उनके साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित करती है। लेकिन हम इस सबका उल्टा देख रहे हैं।
महबूबा ने कहा कि भाजपा ने देश की शीर्ष एजेंसियों एनआईए, ईडी, सीबीआई को अपना साझेदार बनाया। लोगों को दबाया और उन्हें धमकाया। महबूबा ने कहा कि पिछले दो महीने के दौरान शायद ही कोई कार्यकर्ता है जिसे डराया या धमकाया नहीं गया हो। डीडीसी विजेताओं को अन्य दलों में शामिल होने के लिए ब्लैकमेल किया जा रहा है। महबूबा ने कहा हम अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे, हम सफेद झंडे उठाने वाले नहीं हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि भाजपा कश्मीर की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाते हुए हमें सभी मोर्चों पर कितना निर्भर बनाएगी लेकिन हम झुकेंगे नहीं।
बंदूक के बल पर कब तक बनाए रखेंगे शांति
महबूबा ने कहा कि गुपकार गठबंधन देश के संविधान के दायरे में रहकर विशेष दर्जे की बहाली के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने तीन नए कृषि कानूनों को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि कानून लाई और किसान इसके विरोध में कड़ाके की ठंड में भी सड़कों पर उतरे हुए हैं। अगर कानून किसानों को स्वीकार नहीं हैं तो क्या ये उनके फायदे के लिए हो सकते हैं। अगर आप ऐसे कानून लाते हैं जो लेगों को ही स्वीकार नहीं हैं तो आप देश के संविधान का अपमान कर रहे हैं। आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करके सरकार ने संविधान का अपमान किया है। आप बंदूक के बल पर कब तक शांति बनाए रख सकते हैं।