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पल्ली: जानें कौन हैं विनोद कुमार, जिनका प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम किया जिक्र

Mon, 01 Aug 2022 12:28 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बाड़ी ब्राह्मणा
अमर उजाला नेटवर्क, बाड़ी ब्राह्मणा Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Mon, 01 Aug 2022 12:28 PM IST
सार

पीएम ने कहा, पल्ली गांव के विनोद मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। उन्होंने रानी मक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया है। वे सालाना 15 से 20 लाख रुपये कमा रहे हैं।

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meet bari brahmna palli village resident Vinod Kumar Prime Minister mentioned in the Man Ki Baat
परिवार संग विनोद कुमार - फोटो : संवाद

विस्तार

मन की बात कार्यक्रम में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली सौर ऊर्जा पंचायत पल्ली के विनोद की मिसाल दी। पीएम ने कहा, पल्ली गांव के विनोद मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। उन्होंने रानी मक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया है। वे सालाना 15 से 20 लाख रुपये कमा रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम में विनोद के नाम का जिक्र आते ही गांव में जश्न का माहौल बन गया। 

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प्रशासन से लेकर ग्रामीण विनोद कुमार को बधाई देने पहुंचने लगे। विनोद कुमार निवासी पल्ली ने बताया कि वे 27 साल से मधुमक्खी पालन से आजीविका कमा रहे हैं। उन्होंने 15 पेटियों के साथ इस काम की शुरुआत की। जम्मू के तालाब तिल्लो में किसान मेले में एक अधिकारी ने मधुमक्खी पालन के बारे में बताया। शुरुआत में परेशानियां आईं, लेकिन वह इस काम में लगे रहे। 
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उन्होंने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में जाकर मधुमक्खी पालन को जारी रखा। विनोद ने बताया कि उनके पास अभी मधुमक्खियों की 1300 कॉलोनी (पेटी) हैं। इस सीजन में शहद के लिए पेटियां रामबन, श्रीनगर, डोडा और किश्तवाड़ में लगाई गई हैं। विनोद के अनुसार उनके पास 10 युवा काम करते हैं।
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जम्मू-कश्मीर में तैयार शहद की ज्यादा मांग

विनोद ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में तैयार होने वाले शहद की ज्यादा मांग है। साल भर में जिस राज्य में फूल लगने होते हैं वहां पेटियां ले जाते हैं। दो से तीन माह तक शहद इकट्ठा कर फिर नई जगह जाना होता है। जहां फ्लोरा ज्यादा होता है वहां 15 दिन में 7 से 8 किलो शहद तैयार कर लिया जाता है। एक पेटी से साल में 25 से 30 किलो शहद तैयार कर लिया जाता है। मांग के अनुसार उसको एक्सपोर्ट किया जाता है। मन की बात कार्यक्रम में उनके काम की सराहना हुई है, जिससे वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। 

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