{"_id":"638f0c856a61d5235476e635","slug":"mayor-said-jammu-municipal-corporation-is-an-elected-body-should-be-given-financial-freedom","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu City: मेयर बोले- एक निर्वाचित संस्था है नगर निगम, दी जाए वित्तीय स्वतंत्रता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu City: मेयर बोले- एक निर्वाचित संस्था है नगर निगम, दी जाए वित्तीय स्वतंत्रता
Tue, 06 Dec 2022 03:04 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 06 Dec 2022 03:04 PM IST
सार
मेयर ने कहा कि वर्तमान में नगर निगम वित्तीय स्वतंत्रता न होने के कारण जन आकांक्षाओं को बेहतर तरीके से पूरा नहीं कर पा रहा है। सरकार से साल में एक बार निगम को वित्तीय ग्रांट मिलती है।
विज्ञापन
Jammu
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू के मेयर राजिंदर शर्मा ने कहा कि जम्मू नगर निगम के साथ वर्तमान में सरकारी विभाग की तरह व्यवहार हो रहा है। जबकि, असलियत यह है कि नगर निगम एक निर्वाचित संस्था है। ऐसे में सरकार व प्रशासन को उसके साथ वित्तीय व्यवहार भी ऐसा ही करना चाहिए। मेयर ने सोमवार को जम्मू कन्वेंशन सेंटर में माई टाउन माई प्राइड कार्यक्रम के दौरान यह बात कही।
विज्ञापन
निगम पार्षदों, राजस्व विभाग के वित्त आयुक्त शालीन काबरा व अन्य संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में हुए परिचर्चा सत्र में मेयर ने कहा कि वर्तमान में नगर निगम वित्तीय स्वतंत्रता न होने के कारण जन आकांक्षाओं को बेहतर तरीके से पूरा नहीं कर पा रहा है। सरकार से साल में एक बार निगम को वित्तीय ग्रांट मिलती है। इस ग्रांट से करवाए जाने वाले कार्यों के लिए निगम को बार-बार प्रशासनिक मंजूरी लेनी पड़ती है। इससे विकास कार्यों को शुरू करने में देर हो जाती है। कई बार तो ग्रांट की राशि भी खर्च नहीं हो पाती।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, अगस्त या सितंबर में निगम को ग्रांट की 50 फीसदी राशि मिलती है। इसके बाद टेंडर करने में अक्तूबर माह बीत जाता हैं। ग्रांट की शेष राशि खर्च नहीं हो पाती। ऐसे में नगर निगम को ग्रांट जारी होने के बाद उसे वित्तीय स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। नगर निगम के एक्जीक्यूटिव इंजीनियरों को आहरण और वितरण के अधिकार दिए जाने चाहिए। मेयर ने कहा कि जम्मू नगर निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए जल्द ही कई अहम फैसले लिए जाएंगे।
विज्ञापन