कश्मीर में फिर भड़की हिंसा,अलगाववादी नेता यासिन मलिक गिरफ्तार, कई नजरबंद
अलगाववादियों के बंद के आह्वान के बीच घाटी में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कई स्थानों पर हिंसा भड़की। सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद आंसू गैस के गोले दागे गए। स्थिति को काबू में करने के लिए हवाई फायरिंग की गई। हिंसक झड़पों में एक एसपीओ सहित दर्जन भर से अधिक लोग घायल हुए हैं।
इस बीच जुलूस निकालने की कोशिश में जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि प्रमुख अलगाववादियों को नजरबंद रखा गया। श्रीनगर में जामिया मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ने दी गई। बंद को देखते हुए पूरी घाटी में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
बारामुला जिले के सोपोर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, पंपोर, त्राल, हाजिन, बांदीपोरा में प्रदर्शन हुए। नमाज के बाद लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। देर शाम तक इलाकों में हिंसक झड़पें चलती रहीं। जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक को सरायबाला इलाके में गिरफ्तार कर लिया गया, जब वे जुलूस निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद यहां विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। सुरक्षा बलों पर पत्थर बरसाए गए।
कई जगह उपद्रवियों ने सुरक्षाबलों पर किया पथराव
पुलिस के अनुसार पूरी घाटी में पथराव की पांच घटनाएं हुईं। शोपियां में मिनी सचिवालय के पास, अनंतनाग में रेशमौल साहिब श्राइन, कुपवाड़ा में जामिया मस्जिद तथा सोपोर मुख्य चौक पर पत्थरबाजी हुई।
सुरक्षाबलों ने पथराव के बाद भी अधिकाधिक संयम बरता और उपद्रवियों को खदेड़ दिया गया। अनंतनाग में पथराव में फैजान अहमद शेख नामक किशोर घायल हो गया, जिसे श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जाती है।
स्कूल-कालेज बंद, रेल सेवा स्थगित
इसके साथ ही अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा, कुलगाम, बारामुला, बडगाम, गांदरबल, बांदीपोरा तथा कुपवाड़ा जिला मुख्यालयों पर धारा 144 लागू थी।