मन की बात: कश्मीर के नंदड़ू और लैवेंडर का पीएम ने किया जिक्र, कहा- किसान गढ़ रहे सफलता के नए आयाम
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब कश्मीर या श्रीनगर की बात होती है, तो सबसे पहले हमारे सामने उसकी वादियां और डल झील की तस्वीर आती है। हम में से हर कोई डल झील के नजारों का लुत्फ उठाना चाहता है, लेकिन डल झील में एक और बात खास है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कमल के तने नंदड़ू और लैवेंडर जम्मू कश्मीर के किसानों की सफलता की कहानी लिख रहे हैं। मन की बात में उन्होंने इन दोनों की खेती करने वालों के सफलता की कहानी बताते हुए कहा कि इससे उनकी आमदनी बढ़ रही है। कहा कि जब कश्मीर या श्रीनगर की बात होती है, तो सबसे पहले हमारे सामने उसकी वादियां और डल झील की तस्वीर आती है।
हम में से हर कोई डल झील के नजारों का लुत्फ उठाना चाहता है, लेकिन डल झील में एक और बात खास है। वह अपने स्वादिष्ट कमल के तनों या कमल ककड़ी के लिए भी जानी जाती है। कमल के तनों को देश में अलग-अलग जगह अलग-अलग नाम से जानते हैं। कश्मीर में इन्हें नंदड़ू कहते हैं।
कश्मीर के नंदड़ू की डिमांड लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए डल झील में नंदड़ू की खेती करने वाले किसानों ने एक एफपीओ बनाया है। इसमें करीब 250 किसान शामिल हुए हैं। आज ये किसान अपने नंदड़ू को विदेशों तक भेजने लगे हैं। अभी कुछ समय पहले ही इन किसानों ने दो खेप सऊदी अरब अमीरात भेजा है।
ये सफलता कश्मीर का नाम तो कर ही रही है, साथ ही इससे सैकड़ों किसानों की आमदनी भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों का कृषि से ही जुड़ा हुआ ऐसा ही एक और प्रयास इन दिनों अपनी कामयाबी की खुशबू फैला रहा है। डोडा जिले में एक कस्बा है भद्रवाह।
यहां के किसान दशकों से मक्के की पारंपरिक खेती करते आ रहे थे, लेकिन कुछ किसानों ने कुछ अलग करने की सोची। उन्होंने फूलों की खेती का रुख किया। आज यहां के करीब ढाई हजार किसान लैवेंडर की खेती कर रहे हैं।
इन्हें केंद्र सरकार के अरोमा मिशन से मदद भी मिली है। इस नई खेती ने किसानों की आमदनी में बड़ा इजाफा किया है। आज लैवेंडर के साथ-साथ इनकी सफलता की खुशबू भी दूर-दूर तक फैल रही है।
शारदा मंदिर के निर्माण का प्रयास सराहनीय
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कश्मीर की बात हो, कमल की बात हो, फूल की बात हो, सुगंध की बात हो, तो कमल के फूल पर विराजमान रहने वाली मां शारदा का स्मरण आना बहुत स्वाभाविक है। कुछ दिन पूर्व ही कुपवाड़ा में मां शारदा के भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ है।
ये मंदिर उसी मार्ग पर बना है जहां से कभी शारदा पीठ के दर्शन के लिए जाया करते थे। स्थानीय लोगों ने इस मंदिर के निर्माण में बहुत मदद की है। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस शुभ कार्य के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।