{"_id":"5b9d24ae867a557ea37f5736","slug":"making-the-elections-credible-it-is-government-responsibility-says-pdp","type":"story","status":"publish","title_hn":"निकाय चुनावों को विश्वसनीय बनाना अब सरकार की जिम्मेदारी: पीडीपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निकाय चुनावों को विश्वसनीय बनाना अब सरकार की जिम्मेदारी: पीडीपी
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 15 Sep 2018 08:56 PM IST
विज्ञापन
चुनाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर में होने वाले म्यूनिसिपल चुनावों की चुनाव आयोग द्वारा की गयी तिथियों की घोषणा पर जम्मू कश्मीर की दो मुख्य रीजनल पार्टियों ने सवाल उठाया है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेका) दोनों का कहना है कि उनके द्वारा बहिष्कार के बावजूद चुनावों को जल्दबाजी में करवाके सरकार क्या साबित करना चाहती है। उनके अनुसार चुनावों को विश्वनीय बनाना अब सरकार की जिम्मेदारी बनती है।
विज्ञापन
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग द्वारा तिथियों का ऐलान कर दिया गया उसमें कोई अचम्बे की बात नहीं है। उन्होने कहा कि हमने पहले ही बहिष्कार का एलान किया है और हम यह उम्मीद नहीं करते कि राज्यपाल हमारी मर्जी के मुताबिक कार्य करेंगे। मीर ने कहा कि सरकार ने चुनावों को करवाने में जल्दबाजी दिखाई। उन्होने कहा कि 35ए को लेकर जो गंभीर हालात यहां बने हुए हैं उसको लेकर हमने चुनावों का बहिष्कार किया है। मीर ने कहा कि सरकार किस तरह से चुनावों को विश्वसनीय बनाएगी यह अब उनकी जिम्मेदारी बनती है। हम तो बहिष्कार किया है इसलिए हमारी पार्टी चुनावों से दूर रहेगी, बाकी जिसको जो करना है वो कर ले।
विज्ञापन
वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के कश्मीर के प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने कहा कि जिस तरह से आज तिथियों की घोषणा की गयी उससे लगता है कि सरकार चुनावों को करवाने के लिए अटल है। उन्होने कहा कि यह अब सरकार को देखने होगा कि ऐसे में चुनाव करवाने की रेलिवेंस क्या है। वानी ने कहा कि जब दो मुख्य रीजनल पार्टी चुनाव नहीं लड़ रही तो ऐसे में यह चुनाव करवाके क्या साबित करना चाहते हैं। इन चुनावों की रेलिवेंस और विश्वसनीयता क्या रहगी यह तो हम सब बेहतर जानते हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि उन्होने यह कहा कि सरकार चाहे जो मर्जी करे हम अपने फैसले पर अटल है क्यूंकी तब से लेकर अब तक जमीनी स्तर पर को बदलाव नहीं देखने को मिला। वानी ने कहा कि न तो सरकार ने 35ए के बचाव को लेकर बात की, हमने तो इनसे कहा था कि जब तक राज्य में 35ए के बचाव के लिए सरकार नहीं चुनी जाती तब तक उसे टाल देना चाहिए।