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लेफ्टिनेंट जनरल एमके दास बोले: ड्रोन हो या सोशल मीडिया, सेना हर चुनौती से निपटने को तैयार

Sun, 19 Sep 2021 12:19 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sun, 19 Sep 2021 12:19 AM IST
सार

लेफ्टिनेंट जनरल एमके दास बोले दुश्मन की हर चाल का हमारे पास माकूल जवाब। डंसाल में जैकलाई ट्रेनिंग सेंटर में 460 जवानों की अटेस्टेशन परेड को संबोधित किया।
 

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Lt Gen MK Das said: Drone or social media, the army is ready to deal with every challenge
ड्रोन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीमा पार से ड्रोन की चुनौती हो या फिर सोशल मीडिया के दुरुपयोग का खतरा, सेना हर चुनौती से निपटने में सक्षम है। चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकेडमी (ओटीए) के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एमके दास ने कहा कि यह बात डंसाल में पहली अटेस्टेशन सेरेमनी के उपलक्ष्य पर कहीं। डंसाल में सैन्य ट्रेनिंग सेंटर से जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (जैकलाई) के 460 जवानों का 126वां बैच पास आउट हुआ।

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जैकलाई रेजिमेंट के कर्नल रहे एमके दास ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म करने के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। जैकलाई के 126वें व सेंटर के पहले बैच की अटेस्टेशन सेरेमनी के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि दुश्मन की हर चाल का हमारे वास माकूल जवाब है। अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद भारतीय सेना के प्रशिक्षण में कुछ बदलाव के सवाल पर दास ने कहा कि सेना की तैयारी में ऐसे हालात भी शामिल रहते हैं, जो फिलहाल बने नहीं हैं। हमारे जांबाज देश की अपेक्षाओं पर हर हाल में खरा उतरने में सक्षम हैं।
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जैकलाई में स्थानीय नौजवान बेहतर विकल्प, और होंगे भर्ती
एमके दास ने कहा कि 1947 में स्थापना के बाद से ही जैकलाई ने आतंक रोधी अभियान में हर जगह सफलता पाई है। खास बात है कि इस रेजीमेंट में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के जवान हैं। वे यहां की परिस्थितियों के हिसाब से सबसे बेहतर और सक्षम विकल्प हैं। इसीलिए रेजिमेंट में स्थानीय जवानों की संख्या बढ़ाई जा रही है। विशेष भर्ती कर ज्यादा से ज्यादा स्थानीय युवाओं को सेना में सेवा का मौका दिया जा रहा है।
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यह भी पढ़ें- डीजीपी: कश्मीर में आतंकियों को नहीं मिल रहे नए युवा, सोच-समझकर आगे बढ़ रहे यहां के बच्चे

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में एंटी ड्रोन का कैप्सूल कोर्स भी जोड़ा गया है। सोशल मीडिया का दुरुपयोग भी एक सच्चाई है, जिसे देश विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर सेना ने भी पूरी तैयारी की है। 15 जनवरी को सेना दिवस पर सेनाध्यक्ष ने नई तरह के प्रशिक्षण को गंभीरता से लिया था।


देश को समझा और आतंकी से जांबाज सैनिक बन गए
पाकिस्तान की ओर से प्रदेश के युवाओं को बरगलाने के सवाल पर एमके दास ने कहा कि एक सैनिक के नाते वे मानते हैं कि ऐसे युवाओं ने देश को समझा ही नहीं। आतंक की राह पर जा चुके युवकों को भी जब मुख्यधारा में आने का मौका मिला तो वे जांबाज सैनिक बन गए हैं। उन्होंने कहा कि सेना में 162 इन्फैंट्री टेरिटोरियल आर्मी यूनिट है। इस यूनिट में पूर्व आतंकी हैं, जो मुख्यधारा में शामिल हुए और सेना की ट्रेनिंग के बाद देश को समर्पित जांबाज सैनिक बन गए हैं। इसीलिए सेना आतंक की राह पर जा चुके युवकों को वापसी का मौका देती है।

वीरों की धरती जम्मू में पहला बैच पास आउट
लेफ्टिनेंट जनरल एमके दास ने कहा कि जैकलाई का रेजिमेंटल सेंटर श्रीनगर में है, लिहाजा वहीं पर परेड होती रही है। इस बार हमने जम्मू के डंसाल स्थित ट्रेनिंग सेंटर में अटेस्टेशन परेड की सोची। जैकलाई के बैच को पहली बार वीरों की धरती जम्मू में पासआउट किया गया है।

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