लोकसभा चुनाव: 1996 में सर्वाधिक 40 प्रत्याशी उतरे उधमपुर सीट से, इनमें 34 थे निर्दलीय, जानें रोचक इतिहास
उधमपुर सीट पर 1996 में अब तक के सबसे अधिक 40 उम्मीदवारों ने इस सीट पर अपना भाग्य आजमाया था। इनमें प्रमुख भाजपा, कांग्रेस, जनता दल, बसपा, पैंथर्स पाार्टी, ऑल इंडिया इंदिरा कांग्रेस (तिवारी) ने अपने उम्मीदवार उतारे।
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जम्मू-कश्मीर की उधमपुर लोकसभा सीट साल 1967 में अस्तित्व में आई थी। सीट बनने के बाद इस पर हर चुनाव के साथ उम्मीदवारों की संख्या बढ़ती गई। 1996 से 2024 आते-आते उम्मीदवारों की संख्या 40 से सिमटकर 12 रह गई है। इस सीट से चुनाव लड़ने का जुनून 1996 में चरम पर था।
1996 में अब तक के सबसे अधिक 40 उम्मीदवारों ने इस सीट पर अपना भाग्य आजमाया था। इनमें प्रमुख भाजपा, कांग्रेस, जनता दल, बसपा, पैंथर्स पाार्टी, ऑल इंडिया इंदिरा कांग्रेस (तिवारी) ने अपने उम्मीदवार उतारे। 34 निर्दलीय उम्मीदवारों ने अलग से दावेदारी जताई थी।
सभी को पछाड़ते हुए तब भाजपा प्रत्याशी चमन लाल गुप्ता ने जीत हासिल की थी। इससे पूर्व 1989 में भी 24 उम्मीदवार इस सीट से मैदान में उतर चुके हैं। इनमें 19 निर्दलीय थे। कांग्रेस, जनता दल, भाजपा, पैंथर्स पार्टी, प्राउटिस्ट ब्लॉक ऑफ इंडिया ने भी अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे थे।
इसी तरह 2004 में 20 प्रत्याशियों ने इस सीट पर अपना भाग्य आजमाया था। इनमें 8 निर्दलीय थे। 2024 के आते-आते इस सीट पर उम्मीदवारों की संख्या केवल 12 रह गई है। इनमें केवल छह पार्टियों ने अपने प्रत्याशी उतारे है जबकि 6 निर्दलीय चुनावी रण में उतरे हैं।
पहली बार कांग्रेस, जनसंघ और नेकां ही उतरे थे मैदान में
1967 के पहले लोकसभा चुनाव में उधमपुर संसदीय सीट पर महज तीन उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। इनमें कांग्रेस, भारतीय जनसंघ और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इसमें कांग्रेसी उम्मीदवार जीएम ब्रिगेडियर को जीत मिली। इसके बाद चुनाव-दर-चुनाव प्रत्याशियों और पार्टियों का रुझान इस सीट पर बढ़ता गया।
1967 के बाद 1971 में लोकसभा चुनाव हुए। इसमें 8 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। इस बार कांग्रेस के अलावा भारतीय जनसंघ, शिरोमणि अकाली दल ने भी अपने प्रत्याशी उतारे। राजनीतिक पार्टियों ने इस सीट पर 1999 में सबसे अधिक दिलचस्पी दिखाई।
इस दौरान कांग्रेस, भाजपा के अलावा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, बसपा, पैंथर्स पार्टी, समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, जनता दल सेक्यूलर, राष्ट्रीय लोकदल, अखिल भारतीय जनसंघ, झारखंड पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल ने अपने उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा। इस दौरान कुल 16 में से 12 उम्मीदवार पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़े जबकि चार निर्दलीय मैदान में उतरे।
2004 में भी 12 राजनीतिक पार्टियों ने अपने उम्मीदवार नामांकित किए। इस दौरान कुल 20 प्रत्याशी थे। इनमें 8 आजाद थे। 2009 में 14 में से 10 उम्मीदवार पार्टियों की टिकट पर लड़े और 4 आजाद। 2014 में 13 उम्मीदवारों में से 9 पार्टी टिकट से लड़े, जबकि 4 ही आजाद इस सीट पर उतरे थे।
2019 के बाद अब 2024 में भी 12 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। 2019 में 7 पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा जबकि, 2024 में केवल 6 पार्टियों ने ही अपने उम्मीदवारों को टिकट दिया है।