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बढ़ा मुनाफा: लीची बनी किसानों की पहली पसंद, जम्मू में बदल रही खेती की तस्वीर, सरकार भी दे रही 50% सब्सिडी
Tue, 02 Jun 2026 05:23 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: Nikita Gupta
Updated Tue, 02 Jun 2026 05:23 PM IST
सार
जम्मू क्षेत्र में किसान हाई डेंसिटी प्लांटेशन (एचडीपी) तकनीक के तहत लीची की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे उन्हें एक कनाल भूमि से सालाना 24 से 30 हजार तक की आय हो रही है। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार 50 प्रतिशत तक सब्सिडी भी दे रही।
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लीची
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विस्तार
जम्मू क्षेत्र में किसान अब पारंपरिक खेती के बजाय लीची की हाई डेंसिटी प्लांटेशन-एचडीपी की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। बेहतर उत्पादन और अधिक आय की संभावना के चलते यह खेती किसानों के बीच लोकप्रिय होती जा रही है।
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विभाग के अनुसार, एचडीपी तकनीक अपनाने वाले किसान एक कनाल भूमि से सालाना 24 हजार से 30 हजार तक की आय अर्जित कर सकते हैं। इसी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आने वाले वर्षों में 3,200 से अधिक कनाल पारंपरिक लीची बागानों को हाई डेंसिटी प्लांटेशन में बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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बागवानी निदेशक जम्मू गुल सैयद ने बताया कि लीची न केवल किसानों के लिए लाभदायक फसल साबित हो रही है, बल्कि पोषण के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें विटामिन-सी, पोटैशियम, प्राकृतिक शर्करा और कई सूक्ष्म पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को लीची की खेती बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा गुणवत्तापूर्ण पौधे, तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन सहायता भी प्रदान की जा रही है।
जम्मू शहर के बाहरी इलाकों समेत मरह और आरएस पुरा जैसे क्षेत्रों में सिंचाई की बेहतर सुविधा होने के कारण लीची के बागानों का तेजी से विस्तार हो रहा है। विभाग किसानों को वैज्ञानिक खेती, बाग प्रबंधन, छंटाई और हाई डेंसिटी प्लांटेशन तकनीकों का प्रशिक्षण भी दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।