जम्मू। प्रदेश के आबकारी विभाग को लॉकडाउन के बाद अनलॉक में नुकसान में राहत नहीं मिल पाई। शराब के दाम में 50 फीसदी की बढ़ोतरी से इसकी खपत कम हो गई है। हर महीने विभाग को इसकी वजह से 30 से 35 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। हालांकि विभाग का मानना है कि इसके और बहुत से कारण हैं। विभाग ने दाम कम करने की सिफारिश भी की थी। जिस पर अभी तक अमल नहीं हुआ है। हालांकि विभाग का कहना है कि नई आबकारी पॉलिसी लागू होने पर दाम कम हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग को हर महीने शराब की बिक्री से 100 करोड़ रुपये का राजस्व आता है। जो घटकर 65 से 70 करोड़ रुपये रह गया है। इस समय सिर्फ शराब सिर्फ वाइन शॉप पर ही बिक रही है, जबकि बार में शराब बंद है। विभाग के उपायुक्त अमरजीत सिंह का कहना है कि रेट बढ़ना भी एक कारण है, लेकिन और भी बहुत से कारण हैं, जिसकी वजह से राजस्व कम आ रहा है। पर्यटन स्थलों पर इसकी खपत नहीं हो रही। बार बंद हैं। शराब की दुकानों का समय भी अभी सीमित है, जबकि रेट भी बढ़े हुए हैं। शराब खरीदने में प्रवासी मजदूर एक बड़ा तबका होता है। इस समय ज्यादातर प्रवासी मजदूर भी अपने प्रदेश लौट चुके हैं। यह सब कारण हैं, जिसकी वजह से शराब की खपत कम हो रही है। इससे विभाग के राजस्व में 30 से 35 करोड़ रुपये की गिरावट जरूर आई है। विभाग ने रेट कम करने की सिफारिश की थी। उम्मीद है कि नई आबकारी पॉलिसी लागू होने के बाद शराब के रेट कम कम हो जाएंगे।