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Jammu News: पति की हत्यारी पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद
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श्रीनगर। कुलगाम की एक अदालत ने मंगलवार को पति की हत्या की दोषी पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्या दिसंबर 2013 में हुई थी। फैसला सुनाते समय प्रधान सत्र न्यायाधीश, कुलगाम, ऐजाज अहमद खान ने कहा कि न्याय की मांग है कि अदालतें अपराध के अनुरूप सजा दें, जो अपराध के प्रति समाज की घृणा को दर्शाए। अनुचित सहानुभूति के कारण अपर्याप्त सजा देना न्याय व्यवस्था को अधिक नुकसान पहुंचाएगा, जिससे कानून की प्रभावशीलता में जनता का विश्वास कमजोर होगा।
पुलिस के अनुसार, 21 दिसंबर 2013 को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में मोदेरगाम के अब्दुल राशिद डार का शव एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया था। शव का पोस्टमॉर्टम किया, जिसमें उसकी गर्दन टूटी मिली जिससे हत्या का संदेह हुआ।
पूछताछ के दौरान मोदेरगाम के अली मोहम्मद डार ने खुलासा किया कि उसका मृतक की पत्नी मुजमिल के साथ अवैध संबंध था और दोनों ने मिलकर डार को खत्म करने की साजिश रची। वारदात
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के दिन दोनों ने मृतक को कुछ दवाइयां दीं, जिससे वह बेहोश हो गया। दोनों ने मिलकर उसका मुंह और नाक बंद किया गया और उसकी गर्दन तोड़ दी गई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। बाद में रात के समय मृतक को एक खेत में ले जाया गया और पेड़ से लटका दिया गया।
पुलिस ने आरोपपत्र दायर किया और 17 जुलाई को प्रधान सत्र न्यायाधीश, कुलगाम ने दोनों को डार की हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने मृतक के परिवार, विशेष रूप से उसकी बेटी द्वारा झेले गए आघात को देखते हुए, जम्मू-कश्मीर पीड़ित मुआवजा योजना के तहत धारा 545-ए सीआरपीसी के अनुसार मुआवजे के लिए मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुलगाम के अध्यक्ष को सिफारिश करने योग्य माना।
अदालत ने दोषियों को धारा 302 आरपीसी के तहत अपराध के लिए उम्रकैद और 3 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माना दोषी अली मोहम्मद डार द्वारा भुगतान किया जाएगा और जुर्माना न चुकाने की स्थिति में उसे एक वर्ष की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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पुलिस के अनुसार, 21 दिसंबर 2013 को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में मोदेरगाम के अब्दुल राशिद डार का शव एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया था। शव का पोस्टमॉर्टम किया, जिसमें उसकी गर्दन टूटी मिली जिससे हत्या का संदेह हुआ।
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पूछताछ के दौरान मोदेरगाम के अली मोहम्मद डार ने खुलासा किया कि उसका मृतक की पत्नी मुजमिल के साथ अवैध संबंध था और दोनों ने मिलकर डार को खत्म करने की साजिश रची। वारदात
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के दिन दोनों ने मृतक को कुछ दवाइयां दीं, जिससे वह बेहोश हो गया। दोनों ने मिलकर उसका मुंह और नाक बंद किया गया और उसकी गर्दन तोड़ दी गई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। बाद में रात के समय मृतक को एक खेत में ले जाया गया और पेड़ से लटका दिया गया।
पुलिस ने आरोपपत्र दायर किया और 17 जुलाई को प्रधान सत्र न्यायाधीश, कुलगाम ने दोनों को डार की हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने मृतक के परिवार, विशेष रूप से उसकी बेटी द्वारा झेले गए आघात को देखते हुए, जम्मू-कश्मीर पीड़ित मुआवजा योजना के तहत धारा 545-ए सीआरपीसी के अनुसार मुआवजे के लिए मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुलगाम के अध्यक्ष को सिफारिश करने योग्य माना।
अदालत ने दोषियों को धारा 302 आरपीसी के तहत अपराध के लिए उम्रकैद और 3 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माना दोषी अली मोहम्मद डार द्वारा भुगतान किया जाएगा और जुर्माना न चुकाने की स्थिति में उसे एक वर्ष की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।