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घाटी में आतंकवाद को समर्थन लगभग समाप्त, लोग अब शांति चाहते हैंः लेफ्टिनेंट जनरल राजू

Mon, 08 Jun 2020 12:03 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 08 Jun 2020 12:03 PM IST
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Lieutenant General Raju said Support to terrorism in kashmir valley is almost over, people want peace now
लेफ्टिनेंट जनरल राजू - फोटो : सोशल मीडिया

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन मिलना लगभग समाप्त हो गया है। लोग अब शांति चाहते हैं। पिछले दिनों उत्तर कश्मीर में जो कुछ हिंसात्मक घटनाएं हुईं वह आतंकवादियों की हताशा का सूचक हैं। यह बात कश्मीर में सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कही।

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उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया कि लोग अब हिंसा के दुष्चक्र से बाहर निकलना चाहते हैं। आतंकियों को स्थानीय समर्थन कितना घटा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आतंकी तंजीमों में स्थानीय युवाओं की संख्या में गिरावट में काफी गिरावट दर्ज की गई है।
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वहीं, अब अधिक से अधिक युवा खेल, कौशल विकास की पहल, नौकरी के अवसरों और शिक्षा प्रतियोगिताओं में शामिल हो रहे हैं। आगामी सेना भर्ती रैली के लिए 10 हजार युवा ऑनलाइन पंजीकरण करवा चुके हैं। यह संख्या गत वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी है। सरकार ने स्थानीय युवाओं को अपने लिए बेहतर भविष्य बनाने और अपने परिवारों का समर्थन करने में मदद की है और यह तथ्य कश्मीर में होने वाले परिवर्तन का एक वसीयतनामा है।

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उत्तरी कश्मीर में हाल ही में हुई आतंकवादी हिंसा में सेना के एक कर्नल, एक मेजर और कुछ सीआरपीएफ जवानों की शहादत के बारे में पूछे जाने पर ले. जनरल राजू ने कहा, ये हमले किसी भी तरह से आतंकवादियों की बढ़ती उपस्थिति का संकेत नहीं देते हैं। वास्तव में इसके आतंकवादी संगठनों में स्थानीय युवाओं की भर्ती वर्ष 2018 से 2019 के बीच लगभग आधी हो गई, इस साल में और कम हुई है।

उन्होंने इस संख्या का खुलासा नहीं किया कि कितने युवा आतंकी तंजीमों में शामिल हुए। गौरतलब है कि प्रदेश के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कुछ समय पहले कहा था कि 2018 में 218, जबकि 2019 में केवल 139 स्थानीय युवा आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए।

इस वर्ष आतंकवादी समूहों में शामिल होने वाले स्थानीय युवाओं की संख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने संकेत दिया है कि इस वर्ष अब तक लगभग 35 स्थानीय युवा आतंकवादी समूहों में शामिल हो गए हैं।

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