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सरकारी कर्मचारियों की तरह पीएम पैकेज के कर्मियों को देंगे लाभ : एलजी
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को स्मृति चिह्न भेंट करते आयोजक। संवाद
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- कहा - घाटी में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित व वापसी के लिए सभी बाधाएं दूर करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर के सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ पीएम पैकेज के कर्मियों को भी दिए जाएं। कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी के लिए सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा। इसके लिए अनुचित माहौल बनाने के लिए केंद्र सरकार काम कर रही है। उपराज्यपाल रविवार को अंबफला स्थित कश्मीरी पंडित सभा के सभागार में हुए नवरेह समारोह में बोल रहे थे।
उपराज्यपाल ने कहा कि कश्मीरी पंडितों की कश्मीर घाटी में वापसी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। बता दें कि 2009 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डा. मनमोहन सिंह की सरकार में कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम पैकेज के तहत 6000 नौकरियों को लाया गया। इसमें वर्तमान में करीब 5800 पदों पर नियुक्तियां कर दी गई हैं। लेकिन इस पैकेज के तहत सेंट्रल पैकेज होने के कारण कर्मचारियों को जम्मू कश्मीर के सरकारी कर्मचारियों की तरह अन्य कई लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। पीएम पैकेज के एक कर्मचारी ने बताया कि उनके लिए शुरू में एसआरओ 412 लाया गया, जिसमें जिला कैडर का पद था। लेकिन 2022 में कर्मचारी राहुल भट्ट सहित अन्य अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्याओं के बाद जिला कैडर को डिवीजन कैडर में तब्दील कर दिया गया। लेकिन कर्मचारी कश्मीर में ही सेवाएं देंगे। सरकारी कर्मचारियों में एसआरओ 43 के तहत किन्ही कारणों से निधन हो जाने पर दिवंगत के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी का प्रावधान है। लेकिन पीएम पैकेज में आतंकी घटना के दौरान ही मारे जाने पर नौकरी का प्रावधान है। कर्मचारी लंबे समय से पारदर्शी तबादला नीति की मांग कर रहे हैं। श्रीनगर जिले में पैकेज में लगभग आधे कर्मचारी तैनात हैं और आतंकियों के निशाने पर भी यही जिला अधिक रहा है।
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