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जम्मू-कश्मीर: पुलवामा हमले के मामले में टाडा कोर्ट में सुनवाई, लेथपोरा में शहीद हुए थे 40 जवान
Sat, 24 Jul 2021 11:27 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 24 Jul 2021 11:27 AM IST
सार
लेथपोरा पुलवामा हमले के मामले में टाडा कोर्ट जम्मू में सुनवाई चल रही है। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे।
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लेथपोरा पुलवामा हमला
- फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
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विस्तार
लेथपोरा पुलवामा हमले के मामले में टाडा कोर्ट जम्मू में सुनवाई चल रही है। 14 फरवरी, 2019 को हुए पुलवामा हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू की एनआईए अदालत में 19 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।
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13 हजार 500 पन्नों की चार्जशीट डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सोनिया नारंग और पुलिस अधीक्षक राकेश बलवाल की एक टीम द्वारा जांच के बाद तैयार की गई। इसमें जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर और उसके भाई अब्दुल रऊफ असगर समेत 19 को आरोपी पाया गया।
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चार्जशीट में इस हमले में पाकिस्तान की भूमिका के पुख्ता सबूत, तकनीकी, सामग्री और परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं। पाकिस्तान ने एक स्थानीय आतंकी आदिल अहमद डार का इस्तेमाल किया। जिसने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले में विस्फोटक से लदी एक कार से टक्कर मारी थी।
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जांच में पता चला है कि हमले में इस्तेमाल किया गया आरडीएक्स पाकिस्तान से मंगवाया गया था। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने भारत में घुसपैठ की थी और एनआईए के पास इसके साक्ष्य भी हैं। चार्जशीट में एक महिला सहित उन सभी आरोपियों के नाम है, जिन्होंने पाकिस्तान के इशारे पर हमले को अंजाम देने के लिए आत्मघाती हमलावर की मदद की थी।
इसी मामले में एनआईए ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मोहम्मद उमर फारूक के एक मददगार मोहम्मद इकबाल राथर को गिरफ्तार किया था। राथर मैसजिंग एप के जरिये पाकिस्तान में बैठे जैश के आकाओं के लगातार संपर्क में था।
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