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Jammu News: लद्दाख के उपराज्यपाल ने स्वीकृति पत्र बांटे
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एलजी लद्दाख ने सिडको, लेह द्वारा आयोजित ऋण वितरण समारोह में ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए। स्रोत
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम सिंधु इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग हॉल में एक उद्घाटन और ऋण वितरण समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने किया। उन्होंने लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए।
सिडको के प्रबंध निदेशक भूपेश चौधरी ने बताया कि सिडको का गठन उद्यमिता को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन करके और लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों के लिए वित्त तक पहुंच को सक्षम बनाकर लद्दाख में औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को गति देने के लिए किया गया था।
उन्होंने बताया कि सिडको ने अपनी स्व-रोजगार और उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं के तहत 137 लाभार्थियों (लेह से 89 और कारगिल से 48) को पहले ही वित्तीय सहायता स्वीकृत कर दी है, जिसका कुल परियोजना परिव्यय 16.17 करोड़ रुपये है। इससे पहले इस पहल के तहत दस लाभार्थियों लेह और कारगिल से पांच-पांच को भी सहायता प्रदान की गई थी।
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उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार सृजन में सिडको के सक्रिय कदमों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की सूक्ष्म-ऋण पहल लद्दाख के लोगों विशेषकर युवाओं और महिलाओं को रोजगार चाहने वालों के बजाय रोजगार सृजक बनने के लिए सशक्त बनाती है जिससे एक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था में योगदान मिलता है।
उपराज्यपाल ने लाभार्थियों को 10 लाख से 20 लाख रुपये के बीच के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए जिससे बुनाई और सिलाई इकाइयां, सफाई सेवाएं, मछली पालन, लकड़ी पर नक्काशी कार्यशालाएं, कैफे, मशरूम की खेती, प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाएं और सीसीटीवी व्यवसाय सहित कई आजीविका परियोजनाओं को सहायता मिली।
कवींद्र गुप्ता ने पारदर्शिता, सुगमता और व्यापार में आसानी को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किए गए सिडको प्रबंधन ऋण पोर्टल के शुभारंभ की भी सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल लद्दाख के स्थानीय उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र को और मज़बूत करेगी और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।
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लेह। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम सिंधु इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग हॉल में एक उद्घाटन और ऋण वितरण समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने किया। उन्होंने लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए।
सिडको के प्रबंध निदेशक भूपेश चौधरी ने बताया कि सिडको का गठन उद्यमिता को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन करके और लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों के लिए वित्त तक पहुंच को सक्षम बनाकर लद्दाख में औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को गति देने के लिए किया गया था।
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उन्होंने बताया कि सिडको ने अपनी स्व-रोजगार और उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं के तहत 137 लाभार्थियों (लेह से 89 और कारगिल से 48) को पहले ही वित्तीय सहायता स्वीकृत कर दी है, जिसका कुल परियोजना परिव्यय 16.17 करोड़ रुपये है। इससे पहले इस पहल के तहत दस लाभार्थियों लेह और कारगिल से पांच-पांच को भी सहायता प्रदान की गई थी।
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उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार सृजन में सिडको के सक्रिय कदमों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की सूक्ष्म-ऋण पहल लद्दाख के लोगों विशेषकर युवाओं और महिलाओं को रोजगार चाहने वालों के बजाय रोजगार सृजक बनने के लिए सशक्त बनाती है जिससे एक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था में योगदान मिलता है।
उपराज्यपाल ने लाभार्थियों को 10 लाख से 20 लाख रुपये के बीच के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए जिससे बुनाई और सिलाई इकाइयां, सफाई सेवाएं, मछली पालन, लकड़ी पर नक्काशी कार्यशालाएं, कैफे, मशरूम की खेती, प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाएं और सीसीटीवी व्यवसाय सहित कई आजीविका परियोजनाओं को सहायता मिली।
कवींद्र गुप्ता ने पारदर्शिता, सुगमता और व्यापार में आसानी को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किए गए सिडको प्रबंधन ऋण पोर्टल के शुभारंभ की भी सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल लद्दाख के स्थानीय उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र को और मज़बूत करेगी और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।