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Jammu News: चौराहा निर्दोष...नगरपालिक पर दोष, 4.78 लाख में खरीदी विज्ञापन एलईडी, 9 हजार कमाकर बंद
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लोगों के नगर पालिका पर फिजूलखर्ची के आरोप, अधिकारी बोले- चूहे काट देते हैं तार
एक सच यह भी...पांच हजार से 1500 कर दिया विज्ञापन मूल्य फिर भी किसी की दिलचस्पी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। निर्दोष चौक में विकास को लेकर नगरपालिका पर कई तरह के दोष लग रहे हैं। यहां 4.78 लाख रुपये खर्च कर लगाई गई विज्ञापन एलईडी 9000 रुपये का विज्ञापन राजस्व कमाकर लंबे समय से बंद पड़ी है। चौक में लगे फव्वारे का भी यही हाल है। यह उतना पानी नहीं देता जितना लोग इसे लेकर गालियां देते हैं। चौक में लगी विज्ञापन डिस्प्ले एलईडी के माध्यम से नगर पालिका की राजस्व बढ़ाने की योजना थी और इसी उद्देश्य से नगर पालिका के सामान्य हेड से गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल के माध्यम से यह एलईडी खरीदी थी। एलईडी डिस्प्ले सिंतबर 2022 में लगाई गई। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार सिंतबर 2022 से दिसबंर 2022 तक नगर पालिका अखनूर को इस एलईडी डिस्प्ले से 9 हजार रुपये ही राजस्व मिल पाया है। ऐसे में स्थानीय लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किस तरजीह पर एक एलईडी डिस्प्ले पर 4 लाख 78 हजार रुपये खर्च किए गए?
सभी पार्षदों की सहमति से खरीदी थे विज्ञापन डिस्प्ले एलईडी : संजय सराफ
अखनूर नगर पालिका के अध्यक्ष संजय सराफ ने बताया कि यह एलईडी 2022 वर्ष में लगाई गई। चूहे इसके तार काट जाते हैं जिससे यह बार-बार बंद हो जाती है। इस पर विज्ञापन देने के लिए 5000 रुपये प्रति माह निर्धारित किये गए थे परंतु लोगों की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर इसे 3000 प्रति माह, फिर 2000 प्रति माह और वर्तमान में 1500 प्रति माह रखा गया है। उन्होंने बताया कि एलईडी डिस्प्ले को बचाने के लिए फ्लेक्स शीट लगाई गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस एलईडी डिस्प्ले को खरीदने का निर्णय सभी पार्षदों के समक्ष हाउस में रखकर आम सहमति बनाकर लिया गया या फिर किसी व्यक्ति विशेष की सिफारिश पर इसको लगाने का निर्णय हुआ है? स्थानीय लोग भी इस एलइडी की आवश्यकता पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर यहां चूहे तार काट रहे हैं तो इसका उपयोग दूसरी जगह किया जाए। अखनूर के निर्दोष चौक में ही लगे फव्वारे का भी कुछ ऐसा ही हाल है, वह भी आए दिन खराब रहता है।
अखनूर नगर पालिका के नवनियुक्त कार्यकारी अधिकारी शशिकांत ने कहा कि इस कार्य से संबंध रखने वाले उनके कुछ कर्मचारी किसी कार्य से कुछ दिन उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए दो से तीन दिन का समय चाहिए, इसके बाद ही कोई जानकारी दे पाऊंगा। -शशिकांत, कार्यकारी अधिकारी, नगर पालिका अखनूर
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एक सच यह भी...पांच हजार से 1500 कर दिया विज्ञापन मूल्य फिर भी किसी की दिलचस्पी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। निर्दोष चौक में विकास को लेकर नगरपालिका पर कई तरह के दोष लग रहे हैं। यहां 4.78 लाख रुपये खर्च कर लगाई गई विज्ञापन एलईडी 9000 रुपये का विज्ञापन राजस्व कमाकर लंबे समय से बंद पड़ी है। चौक में लगे फव्वारे का भी यही हाल है। यह उतना पानी नहीं देता जितना लोग इसे लेकर गालियां देते हैं। चौक में लगी विज्ञापन डिस्प्ले एलईडी के माध्यम से नगर पालिका की राजस्व बढ़ाने की योजना थी और इसी उद्देश्य से नगर पालिका के सामान्य हेड से गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल के माध्यम से यह एलईडी खरीदी थी। एलईडी डिस्प्ले सिंतबर 2022 में लगाई गई। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार सिंतबर 2022 से दिसबंर 2022 तक नगर पालिका अखनूर को इस एलईडी डिस्प्ले से 9 हजार रुपये ही राजस्व मिल पाया है। ऐसे में स्थानीय लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किस तरजीह पर एक एलईडी डिस्प्ले पर 4 लाख 78 हजार रुपये खर्च किए गए?
सभी पार्षदों की सहमति से खरीदी थे विज्ञापन डिस्प्ले एलईडी : संजय सराफ
अखनूर नगर पालिका के अध्यक्ष संजय सराफ ने बताया कि यह एलईडी 2022 वर्ष में लगाई गई। चूहे इसके तार काट जाते हैं जिससे यह बार-बार बंद हो जाती है। इस पर विज्ञापन देने के लिए 5000 रुपये प्रति माह निर्धारित किये गए थे परंतु लोगों की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर इसे 3000 प्रति माह, फिर 2000 प्रति माह और वर्तमान में 1500 प्रति माह रखा गया है। उन्होंने बताया कि एलईडी डिस्प्ले को बचाने के लिए फ्लेक्स शीट लगाई गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस एलईडी डिस्प्ले को खरीदने का निर्णय सभी पार्षदों के समक्ष हाउस में रखकर आम सहमति बनाकर लिया गया या फिर किसी व्यक्ति विशेष की सिफारिश पर इसको लगाने का निर्णय हुआ है? स्थानीय लोग भी इस एलइडी की आवश्यकता पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर यहां चूहे तार काट रहे हैं तो इसका उपयोग दूसरी जगह किया जाए। अखनूर के निर्दोष चौक में ही लगे फव्वारे का भी कुछ ऐसा ही हाल है, वह भी आए दिन खराब रहता है।
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अखनूर नगर पालिका के नवनियुक्त कार्यकारी अधिकारी शशिकांत ने कहा कि इस कार्य से संबंध रखने वाले उनके कुछ कर्मचारी किसी कार्य से कुछ दिन उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए दो से तीन दिन का समय चाहिए, इसके बाद ही कोई जानकारी दे पाऊंगा। -शशिकांत, कार्यकारी अधिकारी, नगर पालिका अखनूर
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