Ladakh Weather: लद्दाख में लगातार बारिश से हालात बेकाबू, अगले 24 घंटे बेहद खतरनाक; बाढ़ और भूस्खलन की आशंका
लद्दाख में लगातार हो रही भारी बारिश से गंभीर हालात हैं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बादल फटने, भूस्खलन और मार्ग अवरोध जैसी घटनाओं के बीच प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
विस्तार
लेह, लद्दाख इस वर्ष असामान्य और अत्यधिक बारिश का सामना कर रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र लेह के निदेशक सोनम लोटस के अनुसार, इस साल मानसून 10 दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पहुंच गया और लगातार सक्रिय बना हुआ है। इसी कारण क्षेत्र में कई जगहों पर बादल फटने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी घटनाएं देखने को मिली हैं।
सोनम लोटस ने बताया कि सामान्यत: उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में जून के मध्य से अगस्त तक ऐसे हालात रहते हैं। लेकिन इस बार बारिश की तीव्रता और खतरे का स्तर काफी ऊंचा है और आने वाले वर्षों में यह जारी रहने की संभावना है। जब हिमालय के अन्य क्षेत्रों में वर्षा बढ़ती है, तो उसकी नमी और आर्द्रता लद्दाख तक पहुंचती है। ठंडी हवाओं के साथ यह नमी मिलकर यहां बादल फटने और भारी बारिश का कारण बन रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ते तापमान भी भारी मानसून की एक बड़ी वजह है और जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) के चलते आने वाले वर्षों में ऐसी घटनाएं और तेज होंगी। यहां तक कि 5 सेंटीमीटर बारिश भी लद्दाख जैसे दुर्गम और ढीली मिट्टी वाले क्षेत्र के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए लोगों को अपनी जीवनशैली और पारंपरिक ढांचे में बदलाव करना होगा। खासतौर पर मिट्टी की छतों को बदलना आवश्यक है क्योंकि बारिश हर साल बढ़ती जा रही है।
लद्दाख प्रशासन ने यूनिवर्सिटी ऑफ लद्दाख में क्लाइमेट चेंज सेल की स्थापना की है, जो लगातार बदलते मौसम के पैटर्न पर शोध और निगरानी कर रहा है।
भारी बारिश के कारण खारदुंगला मार्ग पर पत्थर गिरने से रास्ता बाधित हुआ है। वहीं, वारी ला पास पर भारी बर्फबारी दर्ज की गई है।
आज लद्दाख विश्वविद्यालय में प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और निदेशक, इसरो अहमदाबाद द्वारा आयोजित एक लोकप्रिय व्याख्यान का कार्यक्रम, लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग, लेह द्वारा जारी रेड अलर्ट के कारण ऑनलाइन कर दिया गया है। उड़ान रद्द होने के कारण उपराज्यपाल लद्दाख दिल्ली में रुके हुए हैं।
लद्दाख में मौसम विभाग ने साफ कहा है कि इस मौसम में यात्रा योजनाओं को लेकर प्रशासन को सख्ती दिखानी होगी।
लद्दाख में लगातार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, लेह ने अगले 24 घंटों के लिए भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में लेह, ज़ांस्कर (पडुम), संकू-परकाचिक सहित कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों में आसमान बादलों से घिरा है।
पूर्वानुमान
26 अगस्त: कई जगहों पर हल्की से मध्यम वर्षा, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका।
27–30 अगस्त: मौसम शुष्क रहने का अनुमान।
चेतावनी
मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि आने वाले 24 घंटे लद्दाख के लिए बेहद संवेदनशील रहेंगे।
संभावित प्रभाव
1. कच्चे मकानों को नुकसान, छतों से पानी रिसने और कमजोर इमारतों के ढहने का खतरा।
2. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और तापमान में तेज गिरावट।
3. दर्रों पर यातायात बाधित होने की संभावना।
4. कई जगहों पर भूस्खलन, मलबा गिरना और पत्थरों के खिसकने की घटनाएँ।
5. खड़ी फसलों को नुकसान।
मौसम विज्ञान केंद्र लेह ने आम जनता और प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने और सभी आधिकारिक परामर्शों का पालन करने की अपील की है। यात्रियों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि खराब मौसम और चेतावनी की अवधि में अनावश्यक यात्रा से बचें।
लद्दाख में फिलहाल मौसम की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने भी लोगों से एहतियात बरतने और आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत मदद के लिए तैयार रहने का आग्रह किया है