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Jammu News: आधे-अधूरे स्टाफ के सहारे चल रहा हड्डी व जोड़ अस्पताल
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- तीन बार प्रस्ताव भेजे, सरकार ने एक भी पद सृजित नहीं किया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। महेशपुरा स्थित हड्डी व जोड़ (बोन एंड ज्वाइंट) अस्पताल को आधे-अधूरे स्टाफ के सहारे ही आगे धकेला जा रहा है। अस्पताल के स्टाफ के लिए तीन बार प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन सरकार ने अब तक एक भी पद सृजित नहीं किया। जीएमसी जम्मू से गिने-चुने स्टाफ को लेकर किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। नतीजतन पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण चिकित्सा देखभाल को मजबूत बनाने में कई चुनौतियां हैं।
अस्पताल की आर्थो ओपीडी में रोजाना 400 मरीज पहुंच रहे हैं। कुछ समय पहले अस्पताल में सप्ताह में एक दिन शनिवार को सामान्य सर्जरी शुरू की गई जबकि आर्थो की सभी आपात सर्जरी जीएमसी जम्मू में ही की जा रही हैं। किसी तरह एक वार्ड में 64 बिस्तर स्थापित किए गए, जबकि अस्पताल में 182 बिस्तर की क्षमता है। अस्पताल में मरीजों को एक्सरे, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, फिजियोथेरेपी की सुविधा दी जा रही है, लेकिन इन सेक्शनों में अपर्याप्त स्टाफ होने से मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस संबंध में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव डाॅ. सैयद आबिद शाह से संपर्क करना चाहा तो वह फोन पर उपलब्ध नहीं हो पाए।
कब-कब पदों के लिए भेजे प्रस्ताव
- वर्ष 2023 के शुरू में 489 पदों का प्रस्ताव भेजा
- अक्टूबर 2023 में फिर संशोधित 389 पदों का प्रस्ताव भेजा
- 6 जून 2024 को फिर संशोधित 326 पदों का प्रस्ताव भेजा
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यह हैं हालात
- चिकित्सा अधीक्षक के कमरे में एक कुर्सी तक नहीं, थ्री सीटर बेंच का ही सहारा
- चिकित्सा स्टाफ के पास भी कुर्सियां नहीं, थ्री सीटर बेंच पर ही बैठ रहे
-अस्पताल में उप चिकित्सा अधीक्षक का पद नहीं
- अस्पताल के लिए अपना कोई बजट नहीं, जीएमसी का ही सहारा
- चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय में सिर्फ एक जूनियर असिस्टेंट एमटीएस (मल्टीटास्क स्टाफ)
- 60 एमटीएस की जरूरत, 12 से चलाया जा रहा काम
- एक्सरे सेक्शन के लिए 23 कर्मियों की जरूरत, गिने-चुने से चल रहा काम
- प्रत्येक वार्ड में न्यूनतम पांच नर्स होनी चाहिए, दो से ही काम चलाया जा रहा
- सप्ताह में सामान्य सर्जरी के दिन बढ़ नहीं पा रहे
कोट..
पदों के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा : प्रिंसिपल
हड्डी व जोड़ अस्पताल में सृजित पदों के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं, उम्मीद है कि उनकी जल्द मंजूरी मिल जाएगी। जीएमसी से स्टाफ को वहां लगाया गया है। मरीजों को सभी चिकित्सा सुविधाएं देने के उचित प्रयास किए जा रहे हैं।
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डाॅ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल, जीएमसी जम्मू
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। महेशपुरा स्थित हड्डी व जोड़ (बोन एंड ज्वाइंट) अस्पताल को आधे-अधूरे स्टाफ के सहारे ही आगे धकेला जा रहा है। अस्पताल के स्टाफ के लिए तीन बार प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन सरकार ने अब तक एक भी पद सृजित नहीं किया। जीएमसी जम्मू से गिने-चुने स्टाफ को लेकर किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। नतीजतन पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण चिकित्सा देखभाल को मजबूत बनाने में कई चुनौतियां हैं।
अस्पताल की आर्थो ओपीडी में रोजाना 400 मरीज पहुंच रहे हैं। कुछ समय पहले अस्पताल में सप्ताह में एक दिन शनिवार को सामान्य सर्जरी शुरू की गई जबकि आर्थो की सभी आपात सर्जरी जीएमसी जम्मू में ही की जा रही हैं। किसी तरह एक वार्ड में 64 बिस्तर स्थापित किए गए, जबकि अस्पताल में 182 बिस्तर की क्षमता है। अस्पताल में मरीजों को एक्सरे, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, फिजियोथेरेपी की सुविधा दी जा रही है, लेकिन इन सेक्शनों में अपर्याप्त स्टाफ होने से मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस संबंध में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव डाॅ. सैयद आबिद शाह से संपर्क करना चाहा तो वह फोन पर उपलब्ध नहीं हो पाए।
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कब-कब पदों के लिए भेजे प्रस्ताव
- वर्ष 2023 के शुरू में 489 पदों का प्रस्ताव भेजा
- अक्टूबर 2023 में फिर संशोधित 389 पदों का प्रस्ताव भेजा
- 6 जून 2024 को फिर संशोधित 326 पदों का प्रस्ताव भेजा
यह हैं हालात
- चिकित्सा अधीक्षक के कमरे में एक कुर्सी तक नहीं, थ्री सीटर बेंच का ही सहारा
- चिकित्सा स्टाफ के पास भी कुर्सियां नहीं, थ्री सीटर बेंच पर ही बैठ रहे
-अस्पताल में उप चिकित्सा अधीक्षक का पद नहीं
- अस्पताल के लिए अपना कोई बजट नहीं, जीएमसी का ही सहारा
- चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय में सिर्फ एक जूनियर असिस्टेंट एमटीएस (मल्टीटास्क स्टाफ)
- 60 एमटीएस की जरूरत, 12 से चलाया जा रहा काम
- एक्सरे सेक्शन के लिए 23 कर्मियों की जरूरत, गिने-चुने से चल रहा काम
- प्रत्येक वार्ड में न्यूनतम पांच नर्स होनी चाहिए, दो से ही काम चलाया जा रहा
- सप्ताह में सामान्य सर्जरी के दिन बढ़ नहीं पा रहे
कोट..
पदों के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा : प्रिंसिपल
हड्डी व जोड़ अस्पताल में सृजित पदों के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं, उम्मीद है कि उनकी जल्द मंजूरी मिल जाएगी। जीएमसी से स्टाफ को वहां लगाया गया है। मरीजों को सभी चिकित्सा सुविधाएं देने के उचित प्रयास किए जा रहे हैं।
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डाॅ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल, जीएमसी जम्मू