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Kisan Mela 2022: किसान खेती में विविधीकरण अपनाने से आय में होगा इजाफा
Sat, 19 Nov 2022 05:46 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sat, 19 Nov 2022 05:46 PM IST
सार
प्रो. जेपी शर्मा ने कहा कि पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर केवीके के माध्यम से एक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
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Kisan Mela 2022
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कृषि में विविधीकरण से किसानों की आय में इजाफा होगा। इसे किसान अपनाएं और खेती में सुधार लाएं। पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर केवीके के माध्यम से एक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। यह बात वीसी प्रो. जेपी शर्मा ने कही। वह स्कॉस्ट जम्मू में कृषि मेले के दूसरे दिन कृषि में विविधीकरण पर आयोजित तकनीकी सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने खेती को उन्नत करने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि फसलों को समय पर खाद और पानी देना अनिवार्य है। साथ ही वैज्ञानिक सलाह भी खेती में लेना जरूरी है। स्कॉस्ट जम्मू द्वारा लांच नई किस्मों को किसान बीजें। इससे उनकी आय में इजाफा होगा।
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राजिंदर कुमार निवासी डोडा ने गेंदे की खेती पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पहले मन नहीं था मगर गेंदे की खेती एक कनाल भूमि में की। इसके बाद अब उन्हें फूलों से अच्छी आय अर्जित हो रही है।
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सांबा के केडी शर्मा ने कृषि में विविधीकरण पर अपने अनुभवों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में केवल मक्का, गेहूं और गन्ने के साथ शुरुआत की। केवीके के संपर्क में आने के बाद जैविक खेती शुरू की और टमाटर, फूलगोभी आदि सब्जियां उगाईं। अब पहले की अपेक्षा ज्यादा आय अर्जित कर रहे हैं। ज्योति गंभीर ने जीवन में सफलता के लिए परिवार के सहयोग को श्रेय दिया। उन्होंने स्वाद के साथ सेहत का ख्याल रखते हुए कुकीज बिजनेस शुरू किया। अच्छे परिणाम सामने आए।
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सतपाल चौधरी ने कामयाबी के लिए केवीके और कृषि विभाग के कदमों की सराहना की। मेजर मनमोहन सिंह ने किन्नू की खेती की सफलता की कहानी बताई। उनके प्रयासों को पीएयू लुधियाना द्वारा अपनाया गया।
अखरोट की खेती से बढ़ सकती है आय
स्कॉस्ट जम्मू में कृषि मेले के दूसरे दिन फल, फूल और सब्जी शो का आयोजन किया गया। शो का उद्घाटन स्कास्ट-जम्मू के वीसी प्रो. जेपी शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि उन्नत किस्मों को विकसित करने के प्रयास जारी हैं। अखरोट की खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है जो किसानों की आय को दोगुना करने में काफी मददगार साबित हो सकती है।
फलों में पैशन फ्रूट, ड्रैगन फ्रूट, कस्टर्ड सेब, साइट्रस, अखरोट, पेकनट और एमलुक की 150 से अधिक किस्में प्रदर्शित की गईं। सब्जियों में लगभग 75 प्रविष्टियां प्रदर्शित हुईं। इसमें गोभी की फसलें, जड़ वाली सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, मसाले और अन्य शामिल हैं।
फ्लावर शो को भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इसमें आठ श्रेणियां थीं। इनमें बागवानों ने फूलों को प्रदर्शित किया। शो का संचालन फ्लोरीकल्चर एंड लैंडस्केपिंग विभाग के प्रो. आरके पांडे ने किया।
खेलों से शरीर होता है मजबूत
ग्रामीण स्तर पर खेली जाने वाली खेलें लुप्त हो रही हैं। इन खेलों को बढ़ावा देने की जरूरत है। मौजूदा जीवन काफी तनावपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में खेलों में भाग लेने से शरीर को मजबूत बना सकते हैं। यह बात वीसी जेपी शर्मा ने कही। मेले में रस्साकशी, वॉलीबॉल, शॉट पुट, लंबी कूद, दौड़, कबड्डी, बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसमें स्कॉस्ट जम्मू की टीमें भाग ले रही हैं। स्कूली बच्चों ने भी खेलों का खूब आनंद लिया।
जितनी मेहनत की जरूरत, उतनी ही चुनौतियां सामने- डॉ. पुनीत चौधरी
खेती क्षेत्र में जितनी मेहनत की जरूरत है, उतनी ही चुनौतियां भी सामने हैं। ऐसे में किसानों को जागरूक होना जरूरी है। समय-समय पर तकनीकी सलाह वैज्ञानिकों से लेना जरूरी है। इससे अच्छी आय अर्जित होगी। प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा। यह बात किसान गोष्ठी में प्रमुख वैज्ञानिक केवीके डॉ. पुनीत चौधरी ने कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बदलाव लाने की जरूरत है। बदलाव में अपने आप को भी बदलना होगा। पड़ोसी राज्यों में किसानों ने तकनीक के बल पर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
प्लांट पैथोलॉजी प्रमुख प्रो. अमरीश वैद ने नैनो यूरिया, गेहूं की खेती, बाग लगाने, रबी की सब्जियां, पशु रोग के साथ ही किसानों को पेश आ रही समस्याओं पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि खेती के लिए पशुओं की आवश्यकता होती है। बीमार होने पर सही इलाज न होने पर किसानों को नुकसान होता है। ऐसे में जागरूक होने का समय है। जागरूक किसान ही उन्नत खेती कर सकता है।