कटड़ा-बनिहाल रेल लिंक मामला दिल्ली पहुंचा
125 किलोमीटर लंबे कटड़ा-बनिहाल रेल लिंग के नए सिरे से सर्वे करने के लिए हाईकोर्ट ने एक कमेटी गठित करने के निर्देश जारी किए हैं।
जस्टिस बदर दुरेज और जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल की बेंच ने हाईकोर्ट में दायर याचिका का निपटारा करते हुए रेल मंत्रालय को कमेटी गठित कर चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
साथ ही अदालत ने अभियोजन पक्ष से याचिकाकर्ता की ओर से उठाई गई आपत्तियों को नजरअंदाज करने का का कारण भी पूछा। कोर्ट का मानना था कि इस मामले में दोनों ओर से दिए जा रहे तर्कों पर गौर करने की जरूरत है। साथ ही कोर्ट का यह भी मानना था कि अभियोजन पक्ष को इस मामले में कुछ और समय दिए जाने की भी जरूरत है।
दिल्ली HC ने चार दिन में रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश
बुधवार को कोर्ट सेंटर फार पब्लिक इंटरस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से एडवोकेट प्रशांत भूषण द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि रेलवे ने उसे जो पूर्व में (मई 2014) में चार सप्ताह का समय दिया गया था उस दौरान कमेटी गठित नहीं की।
इसके साथ ही याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि रेलवे जनता की सुरक्षा से जुडे़ अहम मुद्दे को भी नजरअंदाज कर रहा है और मई में कोट्र की ओर से रेलवे बोर्ड को जो निर्देश जारी किए गए थे उन पर भी अमल नहीं किया गया है।
कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक रेलवे बोर्ड को कटड़ा-बनिहाल रूट का सर्वे कर सुरक्षा सहित तमाम पहलुओं की फिर से समीक्षा करना थी और रूट में बदलाव करने अथवा उसकी कीमत का आकलन भी लगाना था। कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक डीएमआरसी के पूर्व चीफ ई श्रीधरण को भी कमेटी में शमिल किया जाना था।