J&K: रियासत की सियासत गर्म, देश भर में छाया कठुआ कांड, दिनभर चला ट्विटर वार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ के रसाना मामले को लेकर रियासत ही नहीं बल्कि देशभर में आवाज उठने लगी है। सोशल मीडिया पर न्याय की गुहार लगाई जा रही है। इस मामले को लेकर वीरवार को दिनभर ट्विटर वार भी चला।
इसमें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, फिल्म अभिनेता इरफान अख्तर व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी ट्वीट किया। ज्ञात हो कि रसाना में बक्करवाल समुदाय की नाबालिग लड़की से दुराचार तथा हत्या मामले में वकीलों ने बुधवार को जम्मू तथा कठुआ बंद का आह्वान किया था। साथ ही इस मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की थी।
महबूबा ने वीरवार को ट्वीट किया कि उनकी सरकार किसी को भी कानून को बाधित करने की इजाजत नहीं देगी। कठुआ के रसाना मामले में न्याय होकर रहेगा। लोगों के एक समूह की बयानबाजी तथा गैर जिम्मेदाराना कार्रवाई से कानून को बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
इस मामले में समुचित प्रक्रिया अपनाई जा रही है। फास्ट ट्रैक पर जांच चल रही है और न्याय मिलकर रहेगा। सोमवार को कठुआ में वकीलों ने क्राइम ब्रांच की टीम को चार्जशीट दाखिल करने से रोकने की कोशिश की थी। चार्जशीट में इस बात का पूरा ब्योरा है कि किस प्रकार नाबालिग का अपहरण किया गया।
किस प्रकार देवस्थान में दुराचार करने के बाद हत्या की गई। विपक्ष के नेता उमर अब्दुल्ला ने आरोपियों के पक्ष में आयोजित रैली में शामिल होने वाले भाजपा के दो मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने पर भी मुख्यमंत्री की आलोचना की। एक टीवी पत्रकार के ट्वीट के जवाब में महबूबा ने भाजपा मंत्रियों के इस मामले में कार्रवाई पर नाखुशी जताई।
उमर ने इस पर कहा कि क्या बकवास है। वे उनके मंत्री हैं न कि प्रधानमंत्री के। उनकी नाखुशी के रूप में मंत्रियों की बर्खास्तगी सामने नहीं आई, बल्कि उन्होंने दिल्ली में अपनी नाखुशी जताई। बाद में पत्रकार ने अपने ट्वीट को हटा लिया। उमर ने लिखा कि उनकी नाखुशी जायज नहीं है। उन्हें अपने ट्वीट को मिटाकर संशोधित ट्वीट करना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि कठुआ में जो कुछ भी हुआ वह मानवता के खिलाफ अपराध है। सजा के बिना इस मामले को छोड़ा नहीं जाना चाहिए। हम क्या संदेश देना चाहते हैं यदि इस तरह के जघन्य अपराध में राजनीतिक हस्तक्षेप होने लगे।
क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट किया कि यह दिल को तोड़ने वाला है कि डर से एक नाबालिग को यातना सहनी पड़ी। यह मानवता की हत्या है। इस मामले में न्याय जरूर मिलना चाहिए। फिल्म अभिनेता फरहान अख्तर ने ट्वीट किया कि कल्पना कीजिए कि उस नाबालिग पर क्या गुजर रही होगी
जब उसे अपहृत कर कई दिनों तक गैंग रेप किया गया। यदि आप उसके आतंक को महसूस नहीं कर सकते हैं तो आप मनुष्य नहीं हैं। यदि आप नाबालिग के लिए न्याय की मांग नहीं करते हैं तो आप कुछ भी नहीं हैं।
कश्मीर घाटी में भी हुए प्रदर्शन
कठुआ मामले को लेकर घाटी में वीरवार को प्रदर्शन हुए। बडगाम बार एसोसिएशन ने मुख्य चौक पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। साथ ही वकीलों की ओर से क्राइम ब्रांच को चार्जशीट दाखिल करने से रोकने की कोशिश की निंदा की।
अध्यक्ष नूर मोहम्मद ने कहा कि एसोसिएशन पारदर्शी तरीके से ट्रायल की मांग करता है ताकि नाबालिग को न्याय मिल सके। हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने सरकार की दोहरी नीति की निंदा की। ट्वीट कर कहा कि कठुआ में दुराचार आरोपियों को बचाने के लिए रैली को इजाजत दी जाती है जबकि कश्मीर में बुलेट तथा पैलेट का इस्तेमाल रोजाना के आदेश हो गए हैं।