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प्रभु मिलन के लिए श्रीमद्भागवत कथा एकमात्र मार्ग
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दोमाना। श्रीमद्भागवत कथा प्रभु से मिलने का एकमात्र मार्ग है। इसलिए जब भी समय मिले कथा का श्रवण जरूर करना चाहिए। यह उपदेश कथावाचक अशोक शास्त्री ने दिया।
शुक्रवार को रायपुर दोमाना के मंदिर मोहल्ला गांव में जारी श्रीमद्भागवत कथा का हवन एवं भंडारे के साथ समापन हो गया। इस मौके पर कथा वाचक अशोक शास्त्री ने कथा सुनाकर भक्तों को प्रभु चरणों से जोड़ा। उन्होंने बताया कि कलयुग में प्रभु मिलन के लिए श्रीमद्भागवत कथा एक मात्र मार्ग है। प्रभु भक्ति ही जीवन का परम लक्ष्य है।
कथा में शास्त्री ने भजन गाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डीडीसी अध्यक्ष जम्मू भारत भूषण और डीडीसी सदस्य फ्लायं मंडाल गीतू औलख ने भी हाजरी लगाई। सात दिवसीय कथा में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कथा के समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर भागवत मंडली मंदिर दोमाना के सदस्य शाम लाल, मोहन सिंह जमवाल, खेम लाल, रामपाल सेठ, नरेश जमवाल, रतन लाल, जगदीश राज सेठ, दीपक पांडेय, सरपंच बलबीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को रायपुर दोमाना के मंदिर मोहल्ला गांव में जारी श्रीमद्भागवत कथा का हवन एवं भंडारे के साथ समापन हो गया। इस मौके पर कथा वाचक अशोक शास्त्री ने कथा सुनाकर भक्तों को प्रभु चरणों से जोड़ा। उन्होंने बताया कि कलयुग में प्रभु मिलन के लिए श्रीमद्भागवत कथा एक मात्र मार्ग है। प्रभु भक्ति ही जीवन का परम लक्ष्य है।
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कथा में शास्त्री ने भजन गाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डीडीसी अध्यक्ष जम्मू भारत भूषण और डीडीसी सदस्य फ्लायं मंडाल गीतू औलख ने भी हाजरी लगाई। सात दिवसीय कथा में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कथा के समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर भागवत मंडली मंदिर दोमाना के सदस्य शाम लाल, मोहन सिंह जमवाल, खेम लाल, रामपाल सेठ, नरेश जमवाल, रतन लाल, जगदीश राज सेठ, दीपक पांडेय, सरपंच बलबीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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