फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   kashmiri pandits support change in article 35a said it will end injustice with womens

कश्मीरी पंडितों ने 35-ए हटाने की वकालत की, बोले बेटियों के साथ हो रहा अन्याय होगा दूर

Fri, 03 Aug 2018 12:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 03 Aug 2018 12:03 AM IST
विज्ञापन
kashmiri pandits support change in article 35a said it will end injustice with womens
kashmiri pandits
कश्मीरी पंडितों की संस्था पनुन कश्मीर ने रियासत से 35-ए हटाने की वकालत की है। उसका कहना है कि विस्थापित कश्मीरी पंडित स्टेट सब्जेक्ट कानून को हटाने का समर्थन करता है। इसके हटने से रियासत की बेटियों के साथ हो रहा अन्याय भी दूर होगा।
विज्ञापन

 
संस्था के अध्यक्ष अश्विनी कुमार चिरुंगू ने यहां पत्रकारों से कहा कि 35-ए की वजह से ही हमारी बेटियों को दूसरे राज्य में विवाहित होने के बाद जम्मू-कश्मीर में अपने सभी अधिकारों को खोना पड़ रहा है। दूसरे राज्य में गैर कश्मीरी व्यक्ति के साथ विवाह करने पर अपने सभी अधिकार खोने के बाद जम्मू-कश्मीर की निवासी चारू वाली खन्ना ने सर्वोच्च न्यायालय में 35-ए के खिलाफ दरवाजा खटखटाया है। इसकी 6 अगस्त को सुनवाई होने वाली है। 
विज्ञापन


एनजीओ और अन्य ग्रुप ने भी अदालत में इसे चुनौती दी है। हम पिछले 30 वर्षों से इस कानून को झेल रहे हैं। हमारी बेटियां दूसरे राज्यों में शादी के बंधन में बंधने के बाद अपने ही गृह राज्य में सभी मौलिक अधिकार खो देती हैं। उन्होंने तकनीकी तौर पर इसकी वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संसद से पास नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अलगाववादी कश्मीरी सियाही को अपने स्वार्थ के लिए भूना रहे हैं। घाटी में व्यापारी और दूसरा वर्ग भी इसका विरोध कर रहा है। केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 और 35ए में बदलाव को महसूस किया है। जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय होने के बाद भारतीय संविधान में भी ऐसे अनुच्छेद का अधिक महत्व नहीं रहता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed