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आपदा प्रबंधन विभाग की नीतियों के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे कश्मीरी पंडित

Tue, 22 Sep 2020 04:21 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 22 Sep 2020 04:21 PM IST
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Kashmiri Pandits started hunger strike against the policies of Disaster Management Department
strike - फोटो : strike

श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में स्थित गणेश मंदिर परिसर में कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति (केपीएसएस) के बैनर तले कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों ने जम्मू-कश्मीर के आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग की नीतियों के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की नीतियों द्वारा उन 808 कश्मीरी पंडित परिवारों का जीना दुश्वार हो गया है, जिन्होंने 90 के दशक में यहां से पलायन नहीं किया था।

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समिति के अध्यक्ष संजय तिक्कू ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए के हटने के बाद से कश्मीरी हिंदुओं को राहत विभाग के हाथों उत्पीड़न और अलगाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जून 2020 से कई बार विभाग के भ्रष्ट कर्मचरियों के बारे में प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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ये हैं मांगे

  • जानबूझकर गैर प्रवासी कश्मीरी पंडितों के राहत और पुनर्वास में खलल डालने और अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग कर उन्हें नुकसान पहुंचाने के मामले में राहत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए
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  • बेरोजगार शिक्षित कश्मीरी पंडित और युवाओं को नौकरियां दी जाएं
  • 808 गैर प्रवासी कश्मीरी पंडित परिवारों को मासिक वित्तीय सहायता दी जाए
  • कश्मीर घाटी में रहने के लिए आवास प्रदान किया जाए
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