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जम्मू कश्मीर: कश्मीरी युवक और युवतियों ने फिरन पहनकर किया रैंप वॉक, पारंपरिक लिबास को रखा देश भर के पटल पर
Thu, 22 Dec 2022 11:15 AM IST
विमल शर्मा
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 22 Dec 2022 11:15 AM IST
सार
कार्यक्रम के दौरान कश्मीरी सांस्कृतिक का आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि कश्मीर का एक वास्तविक अनुभव देने के लिए रैंप पर चिनार के पत्ते बिखेरे गए थे और मॉडल्स इन पत्तों के बीच से गुजरकर रैंप पर चल रहे थे।
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कश्मीर में रैंप वाक के दौरान युवती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कश्मीरी पारंपरिक लिबास फिरन को विश्व भर में लोकप्रिय बनाने और कश्मीर की सभ्यता और संस्कृति से लोगों को रूबरू कराने के लिए श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटेरशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय फिरन दिवस मनाया गया।
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इस दौरान कश्मीर की युवतियों और युवकों ने फिरन पहनकर रैंप वॉक की। इस दौरान कश्मीरी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। ख़ास बात यह रही कि कश्मीर का एक वास्तविक अनुभव देने के लिए रैंप पर चिनार के पत्ते बिखेरे गए थे और मॉडल्स इन पत्तों के बीच से गुजरकर रैंप पर चल रहे थे।
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इस कार्यक्रम का हिस्सा बनी बरकत रतन ने कहा, फेरन कश्मीर की विशेषता है और इसे प्रोत्साहित करना अच्छा लगता है। यह हमारी संस्कृति है और ऐसे कार्यक्रमों से फिरन को पूरे विश्व भर के लोग देखेंगे। इससे हम अपने पारम्परिक लिबास को लोकप्रिय बना सकते हैं।
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बरकत ने कहा कि अब फिरन देश के अलावा विदेशों तक पहुंच चुकी है। कोई भी यहां आता है तो कश्मीरी पारम्परिक फिरन लेकर जरूर जाता है। इसके अलावा सोशल मीडिया भी एक बड़ा माध्यम है जिससे हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकते हैं और कश्मीरियत का प्रचार कर सकते हैं।
बता दें, फिरन एक कश्मीरी गर्म चोगा है जिसे कश्मीर के लोग सर्दियों में भीषण ठंड से बचने के लिए पहनते हैं। अब यह एक फैशन सिंबल भी बन चुका है। इससे पहले सुबह लाल चौक के बीचोबीच स्थित ऐतिहासिक घंटाघर के पास भी कुछ युवा एकत्रित हुए थे। उन्होंने भी इस फिरन को प्रोमोट किया।