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J&K: एसआरओ-425 को रद करने की मांग, कश्मीरी सिखों ने प्रदर्शन कर बुलंद की आवाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:40 AM IST
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कश्मीरी सिख समुदाय के लोगों ने एसआरओ-425 के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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श्रीनगर में कश्मीरी सिख समुदाय के लोगों ने एसआरओ-425 के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर उसे रद करने की मां की। वहीं ऐसा नहीं करने कर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। एडवोकेट विक्रमदीप सिंह ने कहा कि यह प्रदर्शन एसआरओ-425 के तहत सिख समुदाय से किए गए सौते व्यवहार के विरोध में किया है।
प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के अंतर्गत 2009 में विस्थापितों के लिए 30 हजार पद रखे गए थे। एसआरओ-412 तहत वह हर व्यक्ति इसका हकदार था जिसने घाटी से विस्थापित हुआ था। लेकिन प्रदेश सरकार ने 10 अक्तूबर, 2017 को इसमें संशोधन कर एसआरओ-425 बनाया जिसमें कश्मीरी विस्थापितों की जगह कश्मीरी पंडित शब्द लिखा गया। करीब 500 पद कश्मीरी पंडितों के लिए आरक्षित थीं, जो विस्थापित नहीं थे। इसलिए कश्मीरी सिख भी नौकरियों के हकदार हैं।
नवतेज सिंह ने कहा कि सौतेले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक संशोधन को खत्म नहीं किया जाता प्रदर्शन जारी रहेगा। अगर जल्द कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में बारामुला, पुलवामा, अनंतनाग व बडगाम से भी सिख समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया था।
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प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के अंतर्गत 2009 में विस्थापितों के लिए 30 हजार पद रखे गए थे। एसआरओ-412 तहत वह हर व्यक्ति इसका हकदार था जिसने घाटी से विस्थापित हुआ था। लेकिन प्रदेश सरकार ने 10 अक्तूबर, 2017 को इसमें संशोधन कर एसआरओ-425 बनाया जिसमें कश्मीरी विस्थापितों की जगह कश्मीरी पंडित शब्द लिखा गया। करीब 500 पद कश्मीरी पंडितों के लिए आरक्षित थीं, जो विस्थापित नहीं थे। इसलिए कश्मीरी सिख भी नौकरियों के हकदार हैं।
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नवतेज सिंह ने कहा कि सौतेले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक संशोधन को खत्म नहीं किया जाता प्रदर्शन जारी रहेगा। अगर जल्द कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में बारामुला, पुलवामा, अनंतनाग व बडगाम से भी सिख समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया था।
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