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Jammu News: जेयू के सामरिक और क्षेत्रीय अध्ययन विभाग के छात्रों ने किया सीमा क्षेत्र का दौरा
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के सामरिक और क्षेत्रीय अध्ययन विभाग ने पीजी छात्रों और विद्वानों के लिए सुचेतगढ़ की सीमा चौकी पर सह अध्ययन यात्रा करवाई। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी), सुचेतगढ़ में सुरक्षा एजेंसियों विशेष रूप से सीमा सुरक्षा बल द्वारा सीमा प्रबंधन का अनुभव प्राप्त करवाना था। कंपनी कमांडर चुंगी सीमा चौकी (बीओपी) पर प्रदीप शर्मा द्वारा संकाय सदस्यों, विद्वानों और पीजी छात्रों का स्वागत किया गया।
बीएसएफ के अधिकारी ने सीमा प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी। कमांडर ने उल्लेख किया कि ड्रोन और टनलिंग सीमा प्रबंधन में खतरे हैं। प्रदीप शर्मा ने घुसपैठ की कोशिश से निपटने के उपाय की जानकारी दी है। छात्रों और विद्वानों ने जवानों, लोगों के साथ बातचीत की और तैनाती के साथ आईबी के प्रबंधन के अन्य रणनीतिक पहलुओं के बारे में पूछताछ की। वे दौरे की विस्तृत रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगे। इसके अलावा बीटिंग रिट्रीट समारोह देखा। निदेशक डीएसआरएस प्रो. वीरेंद्र कौंडल, संकाय सदस्य डॉ. मोहम्मद मोनिर आलम, डॉ. गणेश मल्होत्रा और डॉ. रंजन शर्मा मौजूद रहे
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जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के सामरिक और क्षेत्रीय अध्ययन विभाग ने पीजी छात्रों और विद्वानों के लिए सुचेतगढ़ की सीमा चौकी पर सह अध्ययन यात्रा करवाई। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी), सुचेतगढ़ में सुरक्षा एजेंसियों विशेष रूप से सीमा सुरक्षा बल द्वारा सीमा प्रबंधन का अनुभव प्राप्त करवाना था। कंपनी कमांडर चुंगी सीमा चौकी (बीओपी) पर प्रदीप शर्मा द्वारा संकाय सदस्यों, विद्वानों और पीजी छात्रों का स्वागत किया गया।
बीएसएफ के अधिकारी ने सीमा प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी। कमांडर ने उल्लेख किया कि ड्रोन और टनलिंग सीमा प्रबंधन में खतरे हैं। प्रदीप शर्मा ने घुसपैठ की कोशिश से निपटने के उपाय की जानकारी दी है। छात्रों और विद्वानों ने जवानों, लोगों के साथ बातचीत की और तैनाती के साथ आईबी के प्रबंधन के अन्य रणनीतिक पहलुओं के बारे में पूछताछ की। वे दौरे की विस्तृत रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगे। इसके अलावा बीटिंग रिट्रीट समारोह देखा। निदेशक डीएसआरएस प्रो. वीरेंद्र कौंडल, संकाय सदस्य डॉ. मोहम्मद मोनिर आलम, डॉ. गणेश मल्होत्रा और डॉ. रंजन शर्मा मौजूद रहे
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