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Jammu News: शिक्षा का पारंपरिक ढांचे बदला, इंटर्नशिप और रिसर्च भी अब पढ़ाई का हिस्सा

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जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल ने शुक्रवार को हुई बैठक में शिक्षा के पारंपरिक ढांचे में बदलाव लाने वाले कई प्रस्तावों को मंजूरी दी है। अब विश्वविद्यालय में केवल क्लासरूम तक सीमित रहने वाली पढ़ाई के बजाय इंटर्नशिप, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और रोजगारोन्मुख शिक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। काउंसिल द्वारा पुंछ परिसर में नए पाठ्यक्रम की शुरुआत, बीएड और आईटीईपी कार्यक्रम में संशोधन तथा डिजाइन योर डिग्री योजना के संशोधित नियमों को हरी झंडी दी गई है।
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बैठक की अध्यक्षता करते कुलपति प्रो. उमेश राय ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है ताकि छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, कम्युनिकेशन स्किल, क्रिटिकल थिंकिंग और डेटा लिटरेसी जैसे आधुनिक क्षेत्रों से जोड़ा जा सके। अकादमिक मामलों के डीन प्रो. जेपी जूरेल ने बताया कि उद्योग और अकादमिक जगत के बीच के जुड़ाव को सुदृढ़ करने के लिए प्रोफेसर्स ऑफ प्रैक्टिस मॉडल पर जोर दिया गया है।
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काउंसिल ने यूजीसी-2023 के इंटर्नशिप और रिसर्च इंटर्नशिप संबंधी दिशा-निर्देशों को आधिकारिक स्वीकृति दी है। व्यवस्था के लागू होने से स्नातक स्तर पर पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप और रिसर्च गतिविधियों को नियमित पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाएगा। चार वर्षीय ऑनर्स कार्यक्रम के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से रिसर्च प्रोजेक्ट पूरा करना होगा। इसके अलावा सामान्य स्नातक पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए भी 60 से 120 घंटे तक की इंटर्नशिप का प्रावधान रखा गया है।
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इंटर्नशिप का होगा पूरा मूल्यांकन
योजना के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न उद्योगों, शोध संस्थानों, स्टार्टअप, एनजीओ, सरकारी संस्थानों तथा स्थानीय उद्योगों से जोड़ा जाएगा। खास बात यह है कि इंटर्नशिप का मूल्यांकन केवल कागजी नहीं होगा बल्कि इसके लिए रिपोर्ट, प्रेजेंटेशन और वाइवा को आधार बनाया जाएगा।
पुंछ में साइंस टेक्नोलॉजी के नए सेल्फ सपोर्टिंग कोर्स की तैयारी

पुंछ परिसर में राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र विषयों के अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक तथा एक व दो वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रमों को शुरू करने की मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से स्थानीय सीमांत क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही इलाके में उच्च शिक्षा के बेहतर और नए विकल्प उपलब्ध होंगे। साथ ही काउंसिल ने पुंछ परिसर में विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े नए सेल्फ सपोर्टिंग कोर्स शुरू करने के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने पर बल दिया। वर्तमान में सेरीकल्चर का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
जरूरत के हिसाब से चुन सकेंगे विषय

फोर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के तहत संचालित डिजाइन योर डिग्री कार्यक्रम के संशोधित नियमों से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रुचि और करियर की आवश्यकताओं के अनुसार विषयों का चयन करने में पहले से अधिक लचीलापन मिलेगा। छात्र पारंपरिक स्ट्रीम (कला, विज्ञान, वाणिज्य) से बाहर निकलकर पसंद के विषयों को चुन सकेंगे। इसके अलावा बीबीए, बायोटेक्नोलॉजी और अन्य कई पाठ्यक्रमों के सिलेबस व कोर्स संरचना में बदलाव हुए हैं।
बीएड को नए शिक्षक शिक्षा मॉडल के अनुरूप ढालने की तैयारी
काउंसिल ने शिक्षा विभाग में आगामी 2026-27 सत्र से इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। एनसीटीई के नए ढांचे के तहत शुरू होने वाला यह चार वर्षीय शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही दो वर्षीय बीएड कार्यक्रम के संशोधित नियम को भी स्वीकृति दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक बीएड के पाठ्यक्रम को नई शिक्षक शिक्षा नीति और एनसीटीई के संशोधित मानकों के अनुरूप पूरी तरह से ढाला जाएगा।

प्लेसमेंट सेल की सेवा लेने वाले विभाग ही देंगे शुल्क
बैठक में प्लेसमेंट शुल्क की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियमों के अनुसार भविष्य में केवल उन्हीं विभागों से प्लेसमेंट शुल्क लिया जाएगा जो विभाग सेल की सेवाओं का उपयोग करेंगे। काउंसिल के फैसलों को विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत बड़े अकादमिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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