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JKCA Money Laundering: फारूक व अन्य के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल, 27 को कोर्ट में पेश होने के आदेश
Tue, 26 Jul 2022 04:39 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो/ एजेंसी, जम्मू/नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो/ एजेंसी, जम्मू/नई दिल्ली।
Published by: विमल शर्मा
Updated Tue, 26 Jul 2022 04:39 PM IST
सार
विशेष अदालत ने फारूक समेत अन्य आरोपियों को 27 अगस्त को तलब किया है। ईडी ने इसी मामले में फारूक अब्दुल्ला से 31 मई को तीन घंटे पूछताछ की थी।
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फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : ANI
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले की जांच कर रही है। विशेष कोर्ट ने सभी को 27 अगस्त को तलब किया है।
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ईडी का दावा है कि जेकेसीए के तत्कालीन पदाधिकारी एहसान अहमद मिर्जा ने अन्य आरोपी सलीम खान (पूर्व महा सचिव), मीर मंजूर गजनफर, गुलजार अहमद (पूर्व अकाउंटेंट जेकेसीए), बशीर अहमद मिसगर (जेके बैंक एक्जीक्यूटिव) और डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ मिलकर जेकेसीए के खाते से 51.90 करोड़ रुपये निकलवा लिए।
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विशेष अदालत ने फारूक समेत अन्य आरोपियों को 27 अगस्त को तलब किया है। ईडी ने इसी मामले में फारूक अब्दुल्ला से 31 मई को तीन घंटे पूछताछ की थी। जेकेसीए में वर्ष 2004 से लेकर 2009 के बीच की अवधि में पैसों के गड़बड़झाले की सीबीआई और ईडी जांच कर रहे हैं।
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फारूक अब्दुल्ला वर्ष 2001 से लेकर 2012 तक जेकेसीए के अध्यक्ष रहे थे। अब तक की जांच में ईडी की ओर से फारूक अब्दुल्ला की 11.86 करोड़ की अचल संपत्ति समेत कुल 21 करोड़ की संपत्ति को अटैच किया जा चुका है।
ईडी ने जांच में खुलासा किया है कि एहसान अहमद मिर्जा ने जेकेसीए के अन्य पदाधिकारियों की मिलीभगत से 51.90 करोड़ रुपये का अपने व्यक्तिगत हितों और कारोबारी देनदारी चुकाने के लिए इस्तेमाल किया।
ईडी के अनुसार, मिर्जा ने जेकेसीए का पैसा निकलवाकर अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को थमाया। मिर्जा ने अपने घर पर ही जेकेसीए का बही खाता तैयार किया और लेन-देन के रिकॉर्ड को ऑडिटर और जेकेसीए की कार्यकारी समिति से छिपाया।
श्रीनगर के रामबाग मुंशी थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। बाद में इस मामले को हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई के हवाले कर दिया गया।