जम्मू-कश्मीर: चिनाब घाटी में आतंकवाद को जिंदा करने में जुटे दहशतगर्द, एसआईयू की आठ ठिकानों पर दी दबिश
किश्तवाड़ के एसएसपी खलील अहमद पोसवाल ने बताया कि आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों के घरों की तलाशी ली गई है। यूएपीए के तहत दर्ज मामले में कार्रवाई करने के लिए जम्मू की विशेष एनआईए अदालत से इसके लिए वारंट लिया गया था।
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पाकिस्तान में मौजूद किश्तवाड़ के 13 में से आठ आतंकियों के ठिकानों पर बुधवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआईयू) ने छापे मारे। किश्तवाड़ और रामबन जिले में की गई कार्रवाई के दौरान टीम ने कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्राॅनिक उपकरण बरामद किए।
यह आतंकी पाकिस्तान में बैठकर चिनाब घाटी को दहलाने और यहां आतंकवाद को पुनर्जीवित करने में लगे हैं। एसआईयू ने किश्तवाड़ के पाडर, केशवान, ठकराई और रामबन के खारी एवं बनिहाल में कार्रवाई की गई।
किश्तवाड़ के एसएसपी खलील अहमद पोसवाल ने बताया कि आजाद हुसैन, गाजी-उद-दीन, बशीर अहमद मुगल और सत्तार दीन उर्फ रज्जब के घरों की तलाशी ली गई है। गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले में कार्रवाई करने के लिए जम्मू की विशेष एनआईए अदालत से इसके लिए वारंट लिया गया था।
तलाशी के दौरान इनके लिए काम करने वाले ओवर ग्राउंड वर्करों की जानकारी ली गई। इससे पहले 18 मई को एसआईयू की टीमों ने जिले में तीन संदिग्ध व्यक्तियों के अलावा पाकिस्तान में बैठे पांच आतंकियों के घरों में छापे मारे थे।
रामबन की उपायुक्त मोहिता शर्मा का कहना है कि एसआईयू की टीमों ने कारी अब्दुल लतीफ, रियाज अहमद बोहरू, फैयाज अहमद और मुश्ताक अहमद के रिश्तेदारों के खारी तहसील स्थित घरों पर छापे मारे हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में बसे चारों आतंकी लगातार चिनाब घाटी में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं।
26 अप्रैल को 23 आतंकियों के खिलाफ जारी हुआ था गैर जमानती वारंट
एनआईए की विशेष अदालत ने 26 अप्रैल को किश्तवाड़ के 23 आतंकियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जो फिलहाल पाकिस्तान में रह रहे हैं। इससे पहले जिले के 13 आतंकियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
यह भी पाकिस्तान में हैं। जानकारी के अनुसार किश्तवाड़ के 36 लोग आतंकी बनकर पाकिस्तान चले गए हैं। इसके बारे में पता चलने पर दो एफआईआर दर्ज हैं।