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Jammu News: झिड़ी मेला... दो दिन में पंजाब के अलग-अलग जिलों से आए लाखों भक्तों ने नवाया शीश
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। झिड़ी मेले के दूसरे दिन दिन भी श्रद्धा का सैलाब बाबा जित्तो के दरबार में उमड़ा। दोपहर बाद हालात ऐसे रहे कि पैर रखने के लिए जगह नहीं थी। एकदम से लोगों की संख्या बढ़ गई। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस कर्मियों और मंदिर कमेटी के सदस्यों ने भक्तों को बारी-बारी से दर्शन करवाए। अब तक मेला पंजाब से आए लोगों के नाम रहा। सदियों पुरानी परंपरा को पंजाबियों ने बखूबी निभाया। दरबार में परिवार की सुख-समृद्धि की मन्नत मांगी और पहली फसल को चढ़ावा के रूप में अर्पित किया। इसी के साथ घर लौटने का क्रम शुरू हो गया। देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
इससे पहले सुबह दस बजे तक नाममात्र ही लोग पहुंचे थे। डेढ़ घंटे बाद पंजाब से जत्थे आने शुरू हो गए और भीड़ बढ़ गई। दोपहर 12 तक मंदिर भक्तों से भर गया। शाम चार बजे स्थानीय लोगों सहित प्रदेशभर से लोग पहुंचे। दर्शन का क्रम रात तक चलता रहा। मंदिर के पुजारी किशोर ने कहा कि भक्तों में सबसे ज्यादा संख्या पंजाबियों की हैं, जो अब घर वापसी करेंगे। हालांकि मेला 5 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान देश और विदेश समेत अन्य जगहों से लोग इच्छा के अनुसार अरदास करवाएंगे।
मंगलवार को कारोबार खूब चमका। ज्यादा खरीदारी पंजाबी व्यापारियों की सेल के स्टालों पर हुई है। बीस से तीस रुपये तक सेल लगाई गई। जालंधर से आए व्यापारी गुलशन कुमार ने कहा कि कॉस्मेटिक्स के सामान में ऑफर दी जा रही है। दो दिन अच्छा व्यवसाय हुआ है। पंजाब से और सामान मंगवाना पड़ा है। इसके अलावा स्वेटर और अन्य चीजों की भी खरीदारी हुई है। उधर, सर्कस देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। बच्चों के साथ लोगों ने झूलों का मजा भी आनंद लिया। खासतौर पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी।
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पार्किंग में नहीं मिली वाहन लगाने की जगह
मेले के दौरान वाहन लेकर आए लोगों को पार्किंग की समस्या से परेशान होना पड़ा है। सुबह तो जगह मिल गई मगर दोपहर बाद हालात खराब हो गए। इस कारण तीन से चार दूर वाहनों को खड़ा कर मेले की ओर जाना पड़ा। इससे उन्हें काफी दिक्कत आई। हालांकि प्रशासन की ओर से ई-रिक्शा का प्रबंध किया गया था।
हर साल मनोकामना पूर्ण करती हैं बुआ दाती
बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के दरबार में अच्छी पैदावार और खुशहाली की आस लेकर श्रद्धालु हर साल आते हैं। गुरदासपुर से आए शाम लाल ने कहा कि उनके पूर्वज भी दरबार में आते थे। अभी तक पंजाब में फसल की की पैदावार अच्छी हो रही है। अब वे हर माह आते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। विजय कुमार निवासी जालंधर ने बताया कि मेले में खुशहाली के लिए आए हैं, आशीर्वाद लेकर लौट रहे हैं। फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी रही है। खूब अनाज बेचते हैं। फसल कटी है तो चढ़ावा चढ़ाने के साथ बाबा जित्तो से आशीर्वाद लिया है। अगले साल फिर आएंगे। अमृतसर निवासी कंपा देवी ने कहा कि दरबार से परिवार के लिए मन्नत मांगी है। प्राचीन परंपराओं के अनुसार तीन दिन तक रहे और रात को लौट जाएंगे।
गायक संदीप सूद ने बांधा समां
दोमाना। झिड़ी मेले में शाम काे मुख्य आर्कषण का केंद्र पंजाब से आए गायक संदीप सूद का कार्यक्रम रहा। पंजाबी गायक सूद ने मां की भेंटों से समां बांध दिया। कार्यक्रम में मौजूद हर भक्त मां की भक्ति में लीन हो गया। माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। संवाद
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जम्मू। झिड़ी मेले के दूसरे दिन दिन भी श्रद्धा का सैलाब बाबा जित्तो के दरबार में उमड़ा। दोपहर बाद हालात ऐसे रहे कि पैर रखने के लिए जगह नहीं थी। एकदम से लोगों की संख्या बढ़ गई। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस कर्मियों और मंदिर कमेटी के सदस्यों ने भक्तों को बारी-बारी से दर्शन करवाए। अब तक मेला पंजाब से आए लोगों के नाम रहा। सदियों पुरानी परंपरा को पंजाबियों ने बखूबी निभाया। दरबार में परिवार की सुख-समृद्धि की मन्नत मांगी और पहली फसल को चढ़ावा के रूप में अर्पित किया। इसी के साथ घर लौटने का क्रम शुरू हो गया। देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
इससे पहले सुबह दस बजे तक नाममात्र ही लोग पहुंचे थे। डेढ़ घंटे बाद पंजाब से जत्थे आने शुरू हो गए और भीड़ बढ़ गई। दोपहर 12 तक मंदिर भक्तों से भर गया। शाम चार बजे स्थानीय लोगों सहित प्रदेशभर से लोग पहुंचे। दर्शन का क्रम रात तक चलता रहा। मंदिर के पुजारी किशोर ने कहा कि भक्तों में सबसे ज्यादा संख्या पंजाबियों की हैं, जो अब घर वापसी करेंगे। हालांकि मेला 5 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान देश और विदेश समेत अन्य जगहों से लोग इच्छा के अनुसार अरदास करवाएंगे।
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मंगलवार को कारोबार खूब चमका। ज्यादा खरीदारी पंजाबी व्यापारियों की सेल के स्टालों पर हुई है। बीस से तीस रुपये तक सेल लगाई गई। जालंधर से आए व्यापारी गुलशन कुमार ने कहा कि कॉस्मेटिक्स के सामान में ऑफर दी जा रही है। दो दिन अच्छा व्यवसाय हुआ है। पंजाब से और सामान मंगवाना पड़ा है। इसके अलावा स्वेटर और अन्य चीजों की भी खरीदारी हुई है। उधर, सर्कस देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। बच्चों के साथ लोगों ने झूलों का मजा भी आनंद लिया। खासतौर पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी।
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पार्किंग में नहीं मिली वाहन लगाने की जगह
मेले के दौरान वाहन लेकर आए लोगों को पार्किंग की समस्या से परेशान होना पड़ा है। सुबह तो जगह मिल गई मगर दोपहर बाद हालात खराब हो गए। इस कारण तीन से चार दूर वाहनों को खड़ा कर मेले की ओर जाना पड़ा। इससे उन्हें काफी दिक्कत आई। हालांकि प्रशासन की ओर से ई-रिक्शा का प्रबंध किया गया था।
हर साल मनोकामना पूर्ण करती हैं बुआ दाती
बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के दरबार में अच्छी पैदावार और खुशहाली की आस लेकर श्रद्धालु हर साल आते हैं। गुरदासपुर से आए शाम लाल ने कहा कि उनके पूर्वज भी दरबार में आते थे। अभी तक पंजाब में फसल की की पैदावार अच्छी हो रही है। अब वे हर माह आते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। विजय कुमार निवासी जालंधर ने बताया कि मेले में खुशहाली के लिए आए हैं, आशीर्वाद लेकर लौट रहे हैं। फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी रही है। खूब अनाज बेचते हैं। फसल कटी है तो चढ़ावा चढ़ाने के साथ बाबा जित्तो से आशीर्वाद लिया है। अगले साल फिर आएंगे। अमृतसर निवासी कंपा देवी ने कहा कि दरबार से परिवार के लिए मन्नत मांगी है। प्राचीन परंपराओं के अनुसार तीन दिन तक रहे और रात को लौट जाएंगे।
गायक संदीप सूद ने बांधा समां
दोमाना। झिड़ी मेले में शाम काे मुख्य आर्कषण का केंद्र पंजाब से आए गायक संदीप सूद का कार्यक्रम रहा। पंजाबी गायक सूद ने मां की भेंटों से समां बांध दिया। कार्यक्रम में मौजूद हर भक्त मां की भक्ति में लीन हो गया। माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। संवाद