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जम्मू कश्मीर: संपत्ति कर लगाने के लिए 28 महीने का सफर, अक्तूबर 2020 में गृह मंत्रालय ने किया था सशक्त
Wed, 22 Feb 2023 05:10 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 22 Feb 2023 05:10 PM IST
सार
अक्तूबर 2020 में गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर प्रशासन को संपत्ति कर लगाने के लिए सशक्त किया था। इसके लिए जम्मू-कश्मीर निकाय अधिनियम 2000 व जम्मू-कश्मीर नगर निगम अधिनियम 2000 में संशोधन किया गया था।
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जम्मू-कश्मीर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में संपत्ति कर लगाने के लिए 28 महीने का सफर तय करना पड़ा। अक्तूबर 2020 में गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर प्रशासन को संपत्ति कर लगाने के लिए सशक्त किया था। इसके लिए जम्मू-कश्मीर निकाय अधिनियम 2000 व जम्मू-कश्मीर नगर निगम अधिनियम 2000 में संशोधन किया गया था। यह जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (राज्य कानून का अधिग्रहण) आदेश 2020 के जरिये किया गया था।
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संशोधन के अनुसार निकाय सीमा के तहत सभी जमीन व भवनों तथा खाली जमीन पर संपत्ति कर लगाया जा सकता है। इससे पहले अधिकतर राजनीतिक दलों, व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं ने किसी प्रकार का संपत्ति कर लगाने का विरोध किया था। विरोध तथा आलोचनाओं को देखते हुए प्रशासन ने संपत्ति कर लगाने की योजना को स्थगित कर दिया था।
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जम्मू-कश्मीर संपत्ति कर अधिनियम 2000 अधिसूचना के अनुसार केंद्रशासित प्रदेश में समूचे स्थानीय निकाय क्षेत्र में संपत्ति कर लगाने की दिशा तय करना था। सरकारी फैसले की जानकारी मुख्य सचिव के जरिये आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव को गत 13 जनवरी को जारी कर दिया गया था। प्रशासनिक परिषद ने भी संपत्ति कर एक अप्रैल 2023 से लगाने के प्रस्ताव को पिछले दिनों प्रस्तावित फार्मूले के आधे संपत्ति कर लगाने की शर्त के साथ मंजूरी दी थी।
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