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Jammu News: बच्चों को एनसीसी पसंद, ज्वाइन कर देश सेवा का देख रहे सपना
Fri, 07 Feb 2025 02:27 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Fri, 07 Feb 2025 02:27 AM IST
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जम्मू-कश्मीर के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ नेशनल कैडेट कोर को दे रहे तवज्जो
अभिषेक बड़ू
जम्मू। देश सहित जम्मू-कश्मीर के बच्चों में भी नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) को उत्साह है और वह बढ़-चढ़कर शामिल हो रहे हैं। एनसीसी भारतीय सशस्त्र बलों की युवा शाखा है, जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल स्तर से जुड़कर देश सेवा के लिए आगे आते हैं।
एनसीसी के माध्यम से बच्चे आसानी से सरकारी नौकरियों, राज्य और केंद्रीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों में शामिल हो सकते हैं।एनसीसी में ए, बी और सी ग्रेड के प्रमाणपत्र होते हैं। सी प्रमाणपत्र एनसीसी का सर्वोच्च प्रमाणपत्र है। इसे प्राप्त करने वाले कैडेट्स को अर्धसैनिक बलों में भर्ती के दौरान 10 से 15 अतिरिक्त अंक मिलते हैं।
उधमपुर डिग्र्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र आर्यन खजूरिया ने बताया 2024 में एनसीसी में शामिल हुए और अबतक 12 शिविरों में भाग लिया है। इनमें जम्मू यूनिट में पांच, कश्मीर यूनिट में छह और लद्दाख यूनिट में एक कैंप में शामिल है। आर्यन का बटालियन स्तर पर चयन हुआ और साथ ही उन्हें दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे कैंप (आरडीसी) परेड के लिए भी चुना गया।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें बेस्ट कैडेट और डीजी कमेंडेशन प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। आर्यन ने बताया कि एनसीसी में शामिल होने का कारण सैन्य अधिकारी बनना है। (संवाद)
कुमकुम ने आठवीं कक्षा से ही ज्वाइन की थी एनसीसी
जम्मू निवासी और सरकारी महिला कॉलेज गांधी नगर में प्रथम वर्ष की छात्रा कुमकुम 2018 में जूनियर विंग कैडेट के रूप में एनसीसी शामिल हुई थीं। उस समय वह आठवीं कथा में थी। नौवीं कथा में ए सर्टिफिकेट मिला था। कुमकुम ने चार आरडीसी कैंप और एक भारत श्रेष्ठ भारत कैंप में हिस्सा लिया है। उन्होंने बताया कि वह समय की पाबंदी, अनुशासन, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए एनसीसी में शामिल हुई थीं। अब सीडीएस परीक्षा देकर सैन्य अधिकारी बनना चाहती हैं।
एनसीसी से मिलती है अनशासन में रहने की मदद : सुमित
जम्मू निवासी और एमएएम काॅलेज में दूसरे वर्ष के छात्र सुमित मल्हान 2023 में एनसीसी शामिल हुए है। वह भविष्य में अर्धसैनिक बलों में अधिकारी बनना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि एनसीसी उन्हें अनुशासन और फिटनेस सिखाने में मदद करती है। सुमित ने दो राष्ट्रीय स्तर के कैंपों में हिस्सा लिया। इसके अलावा, उन्होंने नगरोटा में छह कैंप और पंजाब के मामून कैंट में भी एक कैंप में शिरकत कर चुके हैं।
सिमरन बनना चाहती हैं आर्मी डाॅक्टर
पाैनी चक निवासी सिमरन ठाकुर एक निजी स्कूल में नाैवीं कथा में पढ़ती हैं। 2023 में एनसीसी में शामिल हुईं और अब तक आठ कैंपों में हिस्सा लिया। इनमें दो संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण कैंप और आरडी कैंप दिल्ली शामिल है। आरडी कैंप में उन्होंने प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ से मुलाकात की। सिमरन भी अनुशासन सीखने के लिए एनसीसी में शामिल हुईं और वह आर्मी डॉक्टर बनना चाहती हैं।
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अभिषेक बड़ू
जम्मू। देश सहित जम्मू-कश्मीर के बच्चों में भी नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) को उत्साह है और वह बढ़-चढ़कर शामिल हो रहे हैं। एनसीसी भारतीय सशस्त्र बलों की युवा शाखा है, जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल स्तर से जुड़कर देश सेवा के लिए आगे आते हैं।
एनसीसी के माध्यम से बच्चे आसानी से सरकारी नौकरियों, राज्य और केंद्रीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों में शामिल हो सकते हैं।एनसीसी में ए, बी और सी ग्रेड के प्रमाणपत्र होते हैं। सी प्रमाणपत्र एनसीसी का सर्वोच्च प्रमाणपत्र है। इसे प्राप्त करने वाले कैडेट्स को अर्धसैनिक बलों में भर्ती के दौरान 10 से 15 अतिरिक्त अंक मिलते हैं।
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उधमपुर डिग्र्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र आर्यन खजूरिया ने बताया 2024 में एनसीसी में शामिल हुए और अबतक 12 शिविरों में भाग लिया है। इनमें जम्मू यूनिट में पांच, कश्मीर यूनिट में छह और लद्दाख यूनिट में एक कैंप में शामिल है। आर्यन का बटालियन स्तर पर चयन हुआ और साथ ही उन्हें दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे कैंप (आरडीसी) परेड के लिए भी चुना गया।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें बेस्ट कैडेट और डीजी कमेंडेशन प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। आर्यन ने बताया कि एनसीसी में शामिल होने का कारण सैन्य अधिकारी बनना है। (संवाद)
कुमकुम ने आठवीं कक्षा से ही ज्वाइन की थी एनसीसी
जम्मू निवासी और सरकारी महिला कॉलेज गांधी नगर में प्रथम वर्ष की छात्रा कुमकुम 2018 में जूनियर विंग कैडेट के रूप में एनसीसी शामिल हुई थीं। उस समय वह आठवीं कथा में थी। नौवीं कथा में ए सर्टिफिकेट मिला था। कुमकुम ने चार आरडीसी कैंप और एक भारत श्रेष्ठ भारत कैंप में हिस्सा लिया है। उन्होंने बताया कि वह समय की पाबंदी, अनुशासन, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए एनसीसी में शामिल हुई थीं। अब सीडीएस परीक्षा देकर सैन्य अधिकारी बनना चाहती हैं।
एनसीसी से मिलती है अनशासन में रहने की मदद : सुमित
जम्मू निवासी और एमएएम काॅलेज में दूसरे वर्ष के छात्र सुमित मल्हान 2023 में एनसीसी शामिल हुए है। वह भविष्य में अर्धसैनिक बलों में अधिकारी बनना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि एनसीसी उन्हें अनुशासन और फिटनेस सिखाने में मदद करती है। सुमित ने दो राष्ट्रीय स्तर के कैंपों में हिस्सा लिया। इसके अलावा, उन्होंने नगरोटा में छह कैंप और पंजाब के मामून कैंट में भी एक कैंप में शिरकत कर चुके हैं।
सिमरन बनना चाहती हैं आर्मी डाॅक्टर
पाैनी चक निवासी सिमरन ठाकुर एक निजी स्कूल में नाैवीं कथा में पढ़ती हैं। 2023 में एनसीसी में शामिल हुईं और अब तक आठ कैंपों में हिस्सा लिया। इनमें दो संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण कैंप और आरडी कैंप दिल्ली शामिल है। आरडी कैंप में उन्होंने प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ से मुलाकात की। सिमरन भी अनुशासन सीखने के लिए एनसीसी में शामिल हुईं और वह आर्मी डॉक्टर बनना चाहती हैं।