Youth Day: युवा पहलवानों को पदक लाने के लिए तैयार कर रहे कुश्ती कोच साहिल, इन्होंने भी प्रदेश का बढ़ाया मान
कुश्ती कोच साहिल शर्मा निशुल्क कोचिंग देकर युवाओं का भविष्य संवार रहे हैं। साहिल कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय महिला कुश्ती टीम के कोच रह चुके हैं।
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जम्मू-कश्मीर में 63 फीसदी आबादी 35 साल से कम आयु वर्ग की है। आज प्रदेश के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। चिकित्सा, विज्ञान, खेल, कला या फिर शिक्षा के अलावा हर क्षेत्र में युवा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। 39 वर्षीय कुश्ती कोच साहिल शर्मा निशुल्क कोचिंग देकर युवाओं का भविष्य संवार रहे हैं। साहिल कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय महिला कुश्ती टीम के कोच रह चुके हैं।
साहिल की कोचिंग में महिला कुश्ती टीम ने छह पदक जीते हैं। इसमें दो स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। साहिल शर्मा ने साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, पूजा सिहाग, पूजा गहलोत को कोचिंग देकर कॉमनवेल्थ खेलों के लिए तैयार किया था।
साहिल शर्मा, जम्मू के शालामार के रहने वाले हैं। शालामार स्थित बजरंगी अखाड़े से उन्होंने कुश्ती के गुर सीखे। साहिल ने कहा कि कुश्ती की शुरुआत इसी अखाड़े से की थी। उन्होंने कहा कि अगर मैं भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ किसी कोचिंग कैंप में नहीं रहता हूं तो अखाड़े में युवा खिलाड़ियों को निशुल्क कोचिंग देता हूं। उन्हें कुश्ती के अंतरराष्ट्रीय मानक के बारे में बताता हूं। कुश्ती काफी लोकप्रिय खेल है और हमारे प्रदेश के युवाओं में इतनी क्षमता है कि वह हरियाणा के खिलाड़ियों की तरह देश को पदक दिला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुश्ती को लेकर सरकार का रवैया निराशाजनक है। न हमारे पास प्रशिक्षक हैं और न ही खेल उपकरण हैं। सरकार अगर इस पर ध्यान दे तो हमें इस खेल से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मिल सकते हैं।
प्रदेश के युवा विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहे हैं। क्रिकेट में उमरान मलिक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया है। देश में उनके नाम सबसे ज्यादा तेज गति से गेंदबाजी करने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।