जम्मू विवि में आत्महत्या: डॉ. चंद्रशेखर मामले में एसआईटी ने जुटाए सबूत, कुलपति समेत दो अफसरों से की पूछताछ
एसआईटी ने कुलपति, रजिस्ट्रार, डीन से पूछताछ की और जरूरी रिकार्ड मांगा। डीएसपी गांधीनगर सचित शर्मा, गांधीनगर एसएचओ पंकज शर्मा, नेहरू मार्केट पुलिस चौकी प्रभारी रोहित गांधी और एएसआई गुलाम अब्बास एसआईटी में शामिल हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर की मौत मामले की जांच करने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है। पहले ही दिन एसआईटी के अफसरों ने जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय पहुंचकर जरूरी सबूत जुटाते हुए पूछताछ की।
कुलपति, रजिस्ट्रार, डीन से पूछताछ
एसआईटी ने कुलपति, रजिस्ट्रार, डीन आदि से पूछताछ की और जरूरी रिकार्ड मांगा। डीएसपी गांधीनगर सचित शर्मा, गांधीनगर एसएचओ पंकज शर्मा, नेहरू मार्केट पुलिस चौकी प्रभारी रोहित गांधी और एएसआई गुलाम अब्बास एसआईटी में शामिल हैं।
वारदात के दिन का मनोविज्ञान विभाग का सीसीटीवी फुटेज, बर्थडे सेलिब्रेशन की सीसीटीवी फुटेज, यौन उत्पीड़न शिकायत आंतरिक जांच समिति के पास छात्राओं द्वारा दिया गया शिकायत पत्र, शिकायत में दी गई वीडियो-ऑडियो, समिति की जांच रिपोर्ट आदि रिकार्ड पुलिस ने जम्मू विवि प्रशासन से मांगा है।
हालांकि सूत्रों का कहना है कि विवि प्रशासन ने समिति के पास पहुंची शिकायत और इसकी जांच का रिकार्ड देने से पुलिस को मना कर दिया है। इस दौरान यह कहा गया वह रिकार्ड को देख सकते हैं, लेकिन साथ नहीं ले जा सकते।
हालांकि, इस पर गांधीनगर के डीएसपी सचित का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं हुई है। यह एक संवेदनशील मामला है और इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जरूरी तमाम पहलुओं पर पूछताछ होगी और जिन लोगों से भी पूछताछ करने की जरूरत होगी, उनसे पूछताछ की जाएगी।
एसआईटी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी मांगी
सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने कुलपति, रजिस्ट्रार, डीन से उपकुलपति चैंबर में उस दिन के पूरे घटनाक्रम की जानकारी मांगी। पूछताछ की गई कि डॉ. चंद्रशेखर कब कार्यालय आए, खुदकुशी करने से पहले उनकी क्या-क्या गतिविधियां रहीं। किन लोगों से उनकी बातचीत हुई। तमाम बातों को लेकर पूछताछ की गई।
306 में दर्ज हो सकती है एफआईआर
सूत्रों के अनुसार पुलिस की जांच धीरे-धीरे 174 (संदिग्ध मौत) से 306 (खुदकुशी के लिए उकसाने) की तरफ बढ़ रही है। पुलिस इस मामले में खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर सकती है। क्योंकि डॉ. चंद्रशेखर की पत्नी डा. नीता और भाई एडवोकेट विनोद कुमार ने भी पुलिस को दिए बयान में कहा कि उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। साथ ही इस मामले में अब एसआईटी भी बन गई है।
सीसीटीवी खोलेगा कई राज
एसआईटी ने मनोविज्ञान विभाग समेत कुछ महत्वपूर्ण स्थानों का सीसीटीवी फुटेज लिया है। 1 से 8 सितंबर तक का फुटेज लिया गया है। इसमें देखा जाएगा कि जिस दिन डॉ. चंद्रा पर यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज हुई, उसके बाद से उनकी मौत तक क्या-क्या गतिविधियां हुईं। किन-किन लोगों से उनकी मुलाकात हुई।
ऑडियो रिकार्डिंग से लेकर अन्य सबूत लिए जाएंगे
सूत्रों का कहना है जिन छात्राओं ने डॉ. चंद्रशेखर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कई सबूत यौन उत्पीड़न जांच समिति को दिए। इसमें ऑडियो रिकार्डिंग भी हैं।