Jammu Strike: आज 35 हजार स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल, पदोन्नति न मिलने को लेकर किया विरोध-प्रदर्शन
जम्मू संभाग में स्वास्थ्य कर्मचारी काम छोड़ हड़ताल पर हैं और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के झंडे तले जम्मू संभाग में करीब 35 हजार स्वास्थ्य कर्मचारी सोमवार को काम छोड़ हड़ताल पर हैं। चार साल से पदोन्नति न मिलने की मुख्य मांग पर हो रही हड़ताल से जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
फेडरेशन के अध्यक्ष सुशील सूदन का कहना है कि प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मांगों की उपेक्षा से मजबूर होकर हड़ताल पर जाना पड़ा है। पूरे जम्मू संभाग में कर्मचारी काम छोड़ हड़ताल पर हैं और अपनी मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया । हालांकि आपात चिकित्सा सेवा को हड़ताल के दायरे से बाहर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की चार साल से लटके पदोन्नति के मामलों को क्लीयर करने के लिए लंबित विभागीय पदोन्नति कमेटी की बैठक को तत्काल करवाया जाना चाहिए। इस प्रमुख मांग को लेकर 25 मई को भी हड़ताल की गई थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने मांगों को हल करने के लिए कोई रुचि नहीं दिखाई।
पांच महीनों से लंबित फीमेल मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर्स का वेतन भी तत्काल जारी करने की मांग की गई हैं। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना को राजस्थान की तर्ज पर बहाल करने की भी मांग की गई है। इसके अलावा अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद फार्मासिस्टों को पंजीकरण में समस्या आ रही है। इस मसले का समाधान करने की मांग भी उठाई गई है। हड़ताल के दौरान जीएमसी व एसोसिएटेड अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर ज्यादा असर नहीं रहा, लेकिन जिला स्तर व उप जिला स्तर के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं।