जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग फिर हुआ बंद, हजारों की संख्या में फंसे हुए हैं वाहन
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रामबन जिले के डिगडोल में तीसरे दिन भी पहाड़ से पत्थर व पस्सियां गिरने का सिलसिला जारी रहा। इसके चलते तीसरे दिन भी राजमार्ग बंद रहा और उधमपुर व रामबन में सैकड़ों की संख्या में वाहन फंसे रहे। हालांकि दोपहर के समय आंशिक तौर पर कुछ समय के लिए राजमार्ग को खोला गया और गुरुवार से फंसी एंबुलेंस और कुछ छोटे वाहनों को रवाना किया गया। राजमार्ग को खोलने के कार्य का निरीक्षण करने के लिए रामबन के डीसी व एसएसपी भी मौके पर पहुंचे।
गौरतलब है कि बुधवार को रामबन के डिगडोल और चंद्रकोट थनाड़ी इलाके में पस्सियां गिरने पर राजमार्ग बंद हो गया था। राजमार्ग बंद होने पर रामबन के आसपास सैकड़ों की संख्या में घाटी से जम्मू की तरफ जाने वाले वाहन फंस गए थे। वहीं उधमपुर से घाटी जाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
गुरुवार को पूरा दिन राजमार्ग पर गिरी पस्सियों को हटाने का काम चलता रहा। चंद्रकोट से तो पस्सी हटा दी गई, लेकिन डिगडोल से पस्सियों को हटाने में कामयाबी नहीं मिली। शुक्रवार को तीसरे दिन भी राजमार्ग को खोलने का काम चलता रहा।
हजारों की संख्या में फंसे हुए हैं वाहन
दोपहर के समय जेसीबी को आंशिक तौर पर राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिली और राजमार्ग पर फंसी एंबुलेंस के साथ ही कुछ वाहनों को घाटी और जम्मू की तरफ रवाना किया गया। अभी वाहन निकल ही रहे थे कि फिर से पस्सियां गिरने का सिलसिला शुरू हो गया और राजमार्ग बंद हो गया।
राजमार्ग बंद होने पर जेसीबी भी राजमार्ग खोलने के कार्य में जुट गई। राजमार्ग के बंद होने के कारण उधमपुर में हजारों की संख्या में वाहन तीसरे दिन भी फंसे रहे। काफी संख्या में यात्री वाहन भी फंसे हुए हैं। यात्रियों व चालकों ने दिन भर राजमार्ग के खुलने पर आगे जाने की अनुमति मिलने का इंतजार किया, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली।
उधमपुर के जखैनी, भारत नगर, संगूर, रठियान, गरनई, बट्टलबालियां, मांड, टिकरी में हजारों की संख्या में वाहन फंसे हुए है। ज्यादातर ट्रकों को रोका गया है और तीन दिन से सुविधाएं न मिलने के कारण चालक परेशान है। चालकों का कहना है कि उनके वाहनों में रखी सब्जी, फल व अन्य सामान खराब होना शुरू हो गया है।