बारिश के बाद बंद हुआ जम्मू-श्रीनगर हाइवे, कई घंटों तक फंसे रहे सैकड़ों अमरनाथ यात्री
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रियासत में मंगलवार को मानसून की पहली जोरदार बारिश ने राहत से साथ आफत मचाई। रामबन के कई हिस्सों में पहाड़ों से गिरते पत्थरों और भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग चार घंटे बंद रहा। इससे घाटी की ओर से जम्मू आने वाले कई अमरनाथ यात्रियों के वाहन भी घंटों फंसे रहे।
इस बीच उधमपुर जिला मुख्यालय से पांच किमी. दूर खैरी और अंबिहार में भी भूस्खलन से हाईवे प्रभावित रहा। सड़क पर चट्टानें आ जाने से उधमपुर जिला मुख्यालय से पंचैरी और मोंगरी तहसील का संपर्क कट गया है। धुंध और बारिश से कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा ठप रही। चिनैनी और पट्टनगढ़ के बीच पड़ते राजी नाले के तेज बहाव में एक वैन बह गई।
इसमें चालक को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। चिनैनी के ही डुडू चौकी के अंतर्गत पंचोढ़ नाले में तेज बहाव में एक बुजुर्ग और छात्रा के बहने की आशंका है। नाले के किनारे कपड़े, जूते और कंबल मिला है। जिला कठुआ का बनी-बसोहली मार्ग बंद हो गया है। भारी बारिश से बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इससे पानी की सप्लाई भी प्रभावित है। मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार बुधवार को भी जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में बारिश हो सकती है।
भूस्खलन के बाद वाहनों की आवाजाही हुई प्रभावित
रामबन के पंथियाल, बैटरी चश्मा, खूनी नाला, डिगडोल में मंगलवार दोपहर एक बजे पहाड़ों से पत्थर गिरने और भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया। भारी मशीनरी से मलबे को हटाकर चार घंटे बाद हाईवे को बहाल किया गया। इस दौरान दोनों ओर से सैकड़ों वाहन फंसे रहे।
चट्टानें गिरने से चिनैनी-धनास मार्ग बंद हो गया है। जम्मू में सुबह से लेकर दोपहर तक मूसलाधार बारिश से पारा गिर गया है। निचले इलाकों में भारी जलभराव रहा। रियासत के कई नाले उफान पर रहे। घाटी के अधिकतर हिस्सों में दोपहर तक बारिश जारी रही। राज्य के कई हिस्सों में देर शाम को मौसम साफ हो गया था।