{"_id":"630f04b616e26b55434cf120","slug":"jammu-rspura-news-woman-appeal-bonded-labor-for-daughter-marriage","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां की गुहार: जिंदगी भर गुलाम रहूंगी...बस मेरी बेटी की शादी करा दीजिए, 10-12 बराती आएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां की गुहार: जिंदगी भर गुलाम रहूंगी...बस मेरी बेटी की शादी करा दीजिए, 10-12 बराती आएंगे
Wed, 31 Aug 2022 01:11 PM IST
kumar गुलशन कुमार
सुभाष चंद्र, आरएस पुरा/जम्मू
सुभाष चंद्र, आरएस पुरा/जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 31 Aug 2022 01:11 PM IST
सार
आरएसपुरा उपजिले के एक गांव में एक गरीब मां ने अपनी बेटी की शादी करवाने के लिए सरपंच के पास जिंदगी भर बंधुआ मजदूर बन कार्य करने के लिए प्रस्ताव दिया।
विज्ञापन
विवशता: बेटी की शादी के लिए महिला ने बंधुआ मजदूरी की पेशकश की
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मना रहा है। लेकिन अब भी समाज में कुछ ऐसी चीजें हो रहीं हैं जिससे दिल पसीज उठता है। एक महिला ने अपनी बेटी की शादी के लिए बंधुआ मजदूरी तक करने की पेशकश की। मामला जम्मू के सीमावर्ती इलाके आरएस पुरा का है।
विज्ञापन
उपजिले के एक गांव में एक गरीब मां ने अपनी बेटी की शादी करवाने के लिए सरपंच के पास जिंदगी भर बंधुआ मजदूर बन कार्य करने के लिए प्रस्ताव दिया। महिला ने सरपंच से गुहार लगाई कि उसकी बेटी की शादी होनी है। इसमें 10-12 बराती आएंगे, लेकिन उसके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह इनकी सेवा सत्कार कर सके। लिहाजा शादी का प्रबंध कर दें, और वह बदले में बंधुआ मजदूरी करने को तैयार है। वह जब तक जिंदा रहेगी तब तक उसके घर काम करेगी।
विज्ञापन
झाड़ू- पोछा से लेकर अन्य घरेलू काम करेगी। उसने कहा कि उसका सपना है कि उसकी बेटी की शादी भी उसी प्रकार धूमधाम से हो जिस प्रकार दूसरे लोगों की बेटियों की होती है। हालांकि, गाय का दूध बेचकर परिवार का गुजारा चलता है। घर भी एक कमरे का है। ऐसे में वह शादी के खर्च का प्रबंध करने में सक्षम नहीं है। उसने कोशिश की कि वह खर्चे का प्रबंध कर ले, लेकिन यह नहीं हो पाया। इसके बाद उसने थक हारकर गुहार लगाई है।
विज्ञापन
सरपंच शाम लाल भगत ने बताया कि महिला की इस पेशकश ने उन्हें हैरत में डाल दिया। महिला को भरोसा दिलाया है कि उसे बंधुआ मजदूर बनने की जरूरत नहीं है। उसकी बेटी की शादी धूमधाम से होगी। सारे लोग मिलकर सहयोग करेंगे। जलपान से लेकर अन्य इंतजाम में हाथ बटाएंगे। हर प्रकार की सहायता भी की जाएगी। वह निश्चिंत होकर शादी की तैयारियों में जुट जाए।