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जम्मू: संभाग आयुक्त के कार्यालय के बाहर रहबर-ए-खेल शिक्षकों का धरना-प्रदर्शन जारी, मांगों के लिए की नारेबाजी
Fri, 06 Jan 2023 01:53 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 06 Jan 2023 01:53 PM IST
सार
प्रदेश के 20 जिलों के सरकारी स्कूलों में 2670 रहबर-ए-खेल शिक्षक तैनात हैं। शिक्षक 19 दिसंबर से भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि दूरदराज गांवों के स्कूलों में बच्चों को शारीरिक शिक्षा के महत्व को समझा रहे हैं।
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rehbar e khel teacher protest
- फोटो : निखिल मेहता
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विस्तार
जम्मू शहर में संभाग आयुक्त कार्यालय के बाहर शुक्रवार को रहबर-ए-खेल शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जोर-शोर से उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना कि है कि पदल नियमितीकरण की अवधि को सात से पांच साल करने, फ्रीज पद को डीफ्रीज करने की मांग के लिए पंद्रह से अधिक दिनों से सड़कों पर उतरे हैं, लेकिन उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके विपरीत उन्हें मिली है तो सिर्फ पुलिस की लाठियां।
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एक खेल शिक्षक ने कहा कि बुधवार को प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन के दौरान उन पर पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान 20 शिक्षक घायल हो गए। इनमें से 15 को जीएमसी में उपचार दिया गया। शिक्षक अपनी मांगों के समर्थन में 16 दिन से भाजपा कार्यालय के बाहर आंदोलन कर रहे हैं। मांग नहीं मानने पर वे बुधवार को प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
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एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि प्रदेश के 20 जिलों के सरकारी स्कूलों में 2670 रहबर-ए-खेल शिक्षक तैनात हैं। शिक्षक 19 दिसंबर से भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि दूरदराज गांवों के स्कूलों में बच्चों को शारीरिक शिक्षा के महत्व को समझा रहे हैं। फीट इंडिया की पहल को सफल बनने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। वहीं, जब अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो सरकार की तरफ से सिर्फ आश्वासन और लाठियां मिलती हैं। रहबर-ए-खेल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरज सलारिया ने कहा कि हमारी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। सरकार की दमनकारी नीतियों से हम अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे।
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ये है कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियों ने कहा कि दो ही मुख्य मांग है। कैबिनेट ऑर्डर में जो प्रोबेशन अवधि सात वर्ष रखी है, कम करके पांच वर्ष किया जाना चाहिए। सरकार रहबर-ए-खेल के फ्रीज पदों को डीफ्रीज करने जा रही है। ये स्वीकार नहीं है। जब तक पहले से ही नियुक्ति रहबर-ए-खेल शिक्षकों को नियमित नहीं किया जाएगा, तबतक हमारे पद को डीफ्रीज नहीं किया जाए।