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Jammu News: शहर में आज से नहीं उठेगा कूड़ा और न होगी सफाई, कामछोड़ हड़ताल पर गए कर्मचारी
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नगर निगम की ओर से जोन दो व तीन में सफाई का जिम्मा कंपनी को सौंपने के फैसले के विरोध में किया प्रदर्शन
चेतावनी के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने पर लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगर निगम और प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं होने पर सफाई कर्मचारी कामछोड़ हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते 27 नवंबर से शहर में न तो कूड़ा उठेगा और न ही सफाई होगी। इससे जहां शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होगी वहीं, लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
मंगलवार को भी कर्मचारियों ने जोन दो और जोन तीन में सफाई का जिम्मा कंपनी को देने के विरोध में नगर निगम के कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। इसमें सिविक सफाई कर्मचारी यूनियन के बैनर तले एकत्र हुए स्थायी व अस्थायी कर्मियों ने विरोध जताया। लेकिन, प्रशासन और नगर निगम की ओर से कोई भी कर्मचारी बात करने के लिए नहीं पहुंचा। इसके बाद बैठक कर कर्मचारियों ने कामछोड़ हड़ताल पर जाने का फैसला लिया।
यूनियन के अध्यक्ष रिंकू गिल ने कहा कि कर्मचारियों के साथ भेदभाव हो रहा है। उनका हक दिलाकर रहेंगे। जोन दो और तीन में सफाई कंपनी के माध्यम से करवाने का फैसला लिया गया है, जो कर्मचारियों के हित में नहीं है।
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आक्रोशित कर्मचारियों ने कहा कि सफाई का काम कंपनी के माध्यम से होने से कर्मचारियों को नुकसान होगा। वह बेरोजगार हो जाएंगे। यह कार्य सफाई कर्मचारियों के माध्यम से ही होना चाहिए। गौरतलब रहे कि शहर में 2700 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। प्रति वार्ड 15 से 20 कर्मचारी तैनात हैं। कर्मचारी सुबह गलियों और सड़कों की सफाई करते हैं।
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ये हैं मुख्य मांगें
- जोन दो व तीन में सफाई का जिम्मा कंपनी को न दिया जाए
- 600 के करीब कर्मचारी नियमित किए गए थे, जिनमें से 50 की नियमितीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसे जल्द पूरा किया जाए
- कर्मचारियों के लिए अलग से कॉलोनी का निर्माण हो
- रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए
रोजाना शहर से एकत्रित होता है 400 मीट्रिक टन कचरा
शहर से रोजाना करीब चार सौ मीट्रिक टन (एमटी) कचरा एकत्रित होता है। अगर सफाई न हो तो शहर में कचरे के ढेर लग जाते हैं। डंपिंग साइट भी कचरे जमा हो जाता है। कचरा एकत्र करने के बाद वाहनों के माध्यम से निस्तारण के लिए कोट भलवाल स्थानांतरित किया जाता है।
त्योहारों व धार्मिक समारोहों के दौरान देंगे सेवाएं
कर्मचारियों ने बताया कि मांगें पूरी होने तक कामछोड़ हड़ताल जारी रहेगी। लेकिन, त्योहारों और धार्मिक समारोह के दौरान कर्मचारी सेवाएं देंगे। इसके अलावा शहर में सफाई नहीं की जाएगी।
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चेतावनी के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने पर लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगर निगम और प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं होने पर सफाई कर्मचारी कामछोड़ हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते 27 नवंबर से शहर में न तो कूड़ा उठेगा और न ही सफाई होगी। इससे जहां शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होगी वहीं, लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
मंगलवार को भी कर्मचारियों ने जोन दो और जोन तीन में सफाई का जिम्मा कंपनी को देने के विरोध में नगर निगम के कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। इसमें सिविक सफाई कर्मचारी यूनियन के बैनर तले एकत्र हुए स्थायी व अस्थायी कर्मियों ने विरोध जताया। लेकिन, प्रशासन और नगर निगम की ओर से कोई भी कर्मचारी बात करने के लिए नहीं पहुंचा। इसके बाद बैठक कर कर्मचारियों ने कामछोड़ हड़ताल पर जाने का फैसला लिया।
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यूनियन के अध्यक्ष रिंकू गिल ने कहा कि कर्मचारियों के साथ भेदभाव हो रहा है। उनका हक दिलाकर रहेंगे। जोन दो और तीन में सफाई कंपनी के माध्यम से करवाने का फैसला लिया गया है, जो कर्मचारियों के हित में नहीं है।
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आक्रोशित कर्मचारियों ने कहा कि सफाई का काम कंपनी के माध्यम से होने से कर्मचारियों को नुकसान होगा। वह बेरोजगार हो जाएंगे। यह कार्य सफाई कर्मचारियों के माध्यम से ही होना चाहिए। गौरतलब रहे कि शहर में 2700 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। प्रति वार्ड 15 से 20 कर्मचारी तैनात हैं। कर्मचारी सुबह गलियों और सड़कों की सफाई करते हैं।
ये हैं मुख्य मांगें
- जोन दो व तीन में सफाई का जिम्मा कंपनी को न दिया जाए
- 600 के करीब कर्मचारी नियमित किए गए थे, जिनमें से 50 की नियमितीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसे जल्द पूरा किया जाए
- कर्मचारियों के लिए अलग से कॉलोनी का निर्माण हो
- रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए
रोजाना शहर से एकत्रित होता है 400 मीट्रिक टन कचरा
शहर से रोजाना करीब चार सौ मीट्रिक टन (एमटी) कचरा एकत्रित होता है। अगर सफाई न हो तो शहर में कचरे के ढेर लग जाते हैं। डंपिंग साइट भी कचरे जमा हो जाता है। कचरा एकत्र करने के बाद वाहनों के माध्यम से निस्तारण के लिए कोट भलवाल स्थानांतरित किया जाता है।
त्योहारों व धार्मिक समारोहों के दौरान देंगे सेवाएं
कर्मचारियों ने बताया कि मांगें पूरी होने तक कामछोड़ हड़ताल जारी रहेगी। लेकिन, त्योहारों और धार्मिक समारोह के दौरान कर्मचारी सेवाएं देंगे। इसके अलावा शहर में सफाई नहीं की जाएगी।