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Jammu News: घर वापसी तक एनएफएसए के दायरे में न लाए सरकार
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कश्मीरी विस्थापितों ने प्रेसवार्ता कर जताई चिंता, उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कश्मीरी विस्थापितों के राशन कार्ड को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) डेटाबस से जोड़ा जा रहा है। इसे लेकर कश्मीरी विस्थापितों ने चिंता जताई है।
वीरवार को प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर स्थिति से अवगत करवाया। कुलदीप कश्मीरी ने कहा कि एनएफएसए डेटाबेस से जुड़ने से कश्मीरी विस्थापितों को मिल रही राहत राशि व राशन पर संकट आ जाएगा।
2016 में इस तरह का प्रयास किया था, जिसे समुदाय ने खारिज कर दिया था। उस वक्त राहत एवं पुनर्वास आयुक्त ने इस व्यवस्था को स्थगित किया था। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी स्थायी रूप से घर वापसी नहीं हो जाती है तब तक हम एनएफएसए का हिस्सा नहीं बनने चाहते हैं। सरकार से लिखित में आश्वासन चाहिए कि राहत राशि व राशन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कश्मीरी विस्थापितों के राशन कार्ड को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) डेटाबस से जोड़ा जा रहा है। इसे लेकर कश्मीरी विस्थापितों ने चिंता जताई है।
वीरवार को प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर स्थिति से अवगत करवाया। कुलदीप कश्मीरी ने कहा कि एनएफएसए डेटाबेस से जुड़ने से कश्मीरी विस्थापितों को मिल रही राहत राशि व राशन पर संकट आ जाएगा।
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2016 में इस तरह का प्रयास किया था, जिसे समुदाय ने खारिज कर दिया था। उस वक्त राहत एवं पुनर्वास आयुक्त ने इस व्यवस्था को स्थगित किया था। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी स्थायी रूप से घर वापसी नहीं हो जाती है तब तक हम एनएफएसए का हिस्सा नहीं बनने चाहते हैं। सरकार से लिखित में आश्वासन चाहिए कि राहत राशि व राशन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
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